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वित्त सचिव डॉ. टी वी सोमनाथन ने वस्‍तुओं और गैर-परामर्श सेवाओं की खरीद के लिए मॉडल निविदा दस्तावेज (एमटीडी) जारी किए

वित्त सचिव एवं व्यय विभाग के सचिव डॉ. टी वी सोमनाथन ने आज एक कार्यक्रम के दौरान वस्‍तुओं और गैर-परामर्श सेवाओं की खरीद के लिए मॉडल निविदा दस्तावेज (एमटीडी) जारी किए। मॉडल निविदा दस्तावेजों को दरअसल मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं की उस निरंतर समीक्षा के तहत जारी किया गया है जिस पर माननीय प्रधानमंत्री ने इस वर्ष अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में विशेष जोर दिया था।

एमटीडी से विशेषकर ई-खरीद से संबंधित जरूरतें पूरी होती हैं जिससे ई-खरीद को अपनाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है और इसके साथ ही सरकार की ओर से सुविधाजनक एवं प्रभावकारी ई-गवर्नेंस सुनिश्चित करने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद मिलती है। इस तरह की समस्‍त पहल सार्वजनिक खरीद की डिजिटलीकरण प्रक्रिया को आसान और मानकीकृत करके डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार साबित होंगी।

निविदा दस्तावेजों का विशेष महत्‍व होता है क्‍योंकि सरकार इन्‍हें ही उद्योग जगत के समक्ष पेश करती है। अत: वास्तविक एवं व्यावहारिक रूप से नीतिगत पहलों को लागू करने में निविदा दस्तावेज एक महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। जब निविदा दस्तावेज ठीक एक जैसे होते हैं तो सरकार के लिए अपनी नीतियों को प्रभावकारी ढंग से, निरंतर और समान रूप से प्रस्‍तुत करना काफी आसान हो जाता है। इसी तरह सार्वजनिक खरीद नीतियों और पहलों के बारे में विस्‍तार से बताने के साथ-साथ इन पर अमल करने में एकरूपता होने पर इन्‍हें लागू करने में भी काफी स्पष्टता रहती है जिससे बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होता है और खरीद प्रक्रिया में जनता का विश्वास बढ़ता है। निविदा दस्तावेजों के ठीक एक जैसे रहने पर सार्वजनिक खरीद के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करना संभव हो जाता है और इसके साथ ही नीतिगत पहलों के सकारात्मक प्रभाव और भी अधिक व्‍यापक हो जाते हैं, वृहद खरीद की बदौलत लागत कम करना संभव हो जाता है, और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। इसी तरह निविदा दस्तावेजों के एकसमान रहने पर बाजार में खरीदारी का माहौल बेहतर हो जाता है जिससे करदाताओं के पैसे का उचित उपयोग सुनिश्चित करना संभव हो जाता है। यही नहीं, बोली लगाने वालों को भी अपने उत्पादों के लिए अपेक्षाकृत व्यापक बाजार मिलता है।

तदनुसार, अब वस्‍तुओं और गैर-परामर्श सेवाओं की खरीद के लिए मॉडल निविदा दस्तावेज (एमटीडी) तैयार किए गए हैं। ये एमटीडी निविदा दस्तावेजों के स्‍वरूप को तर्कसंगत और सरल बना देते हैं। सरकार की विभिन्न खरीद नीतियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से संबंधित इसी तरह की नीतियों के अनुरूप प्रावधान करने, मेक इन इंडिया को वरीयता और स्टार्ट-अप्‍स को लाभ सुनिश्चित करने के अलावा एमटीडी में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्‍तर के सर्वोत्तम तौर-तरीके शामिल किए गए हैं। मंत्रालयों/विभागों/सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों, अन्य संगठनों और विभिन्‍न विशेषज्ञों के साथ दो चरणों के व्यापक परामर्श के बाद ही ये एमटीडी तैयार किए गए हैं।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी किए गए एमटीडी दरअसल मार्गदर्शक प्रारूप होंगे। सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया पर विशेष जोर दिए जाने को ध्यान में रखते हुए एमटीडी को सॉफ्ट कॉपी या प्रारूप में जारी किया जा रहा है, ताकि उपयोगकर्ता विभाग इन्‍हें बड़ी आसानी से स्‍वयं की जरूरतों के अनुरूप बना सकें। विभिन्‍न मंत्रालय/विभाग इस दस्तावेज को अपनी स्थानीय/विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप बना सकेंगे। प्रत्येक एमटीडी के उपयोग के लिए एक सूचना पुस्तक के रूप में अलग से एक विस्तृत मार्गदर्शन नोट भी तैयार किया गया है, ताकि प्रत्येक एमटीडी का उपयोग करने में खरीद अधिकारियों को आवश्‍यक मदद मिल सके। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (डीओई) द्वारा जारी किए गए मॉडल निविदा दस्तावेज दरअसल मार्गदर्शक प्रारूप होंगे।

सरकारी संगठन अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए विभिन्न वस्तुओं और गैर-परामर्श सेवाओं की खरीद करते हैं। सार्वजनिक खरीद में सुशासन, पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और करदाताओं के पैसे का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने हाल के महीनों में सार्वजनिक खरीद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहल की हैं। मार्च, 2017 में व्यापक समीक्षा के बाद सामान्य वित्तीय नियम जारी किए गए थे। इसके अलावा तीन खरीद नियमावली यथा वस्‍तुओं की खरीद के लिए नियमावली, 2017; परामर्श एवं अन्य सेवाओं की खरीद के लिए नियमावली, 2017; और कार्यों की खरीद के लिए नियमावली, 2019 भी तैयार की गई हैं।

इन मॉडल निविदा दस्तावेजों को तैयार करना एवं जारी करना दरअसल मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं की निरंतर हो रही समीक्षा का एक हिस्सा है और कैबिनेट सचिव द्वारा 2 अक्टूबर, 2021 से लेकर 31 अक्टूबर, 2021 के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में इसकी निगरानी की जा रही है।

Dheeru Bhargav

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