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DefExpo 2022: 451 एमओयू, टीओटी समझौतों एवं उत्पादों की लॉन्चिंग की गवाह बनी

12 वें डिफेक्सपो के बंधन समारोह के दौरान चार सौ इक्यावन (451) समझौता ज्ञापन, ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी एग्रीमेंट्स और उत्पाद लॉन्च किए गए । इन 451 में से 345 एमओयू थे, 42 प्रमुख घोषणाएं, 46 उत्पाद लॉन्च और 18 टीओटी समझौते थे । गुजरात का योगदान 28 एमओयू और एक उत्पाद लॉन्च था । इसमें 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई । इंडियन एयर फोर्स एवं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 6,800 करोड़ रुपये के 70 एचटीटी -40 स्वदेशी ट्रेनर विमान के लिए एक अनुबंध को अंतिम स्वरूप दिया।

समारोह में अपने संबोधन में, समारोह डेफ एक्सपो के तीन व्यावसायिक दिनों के साथ समाप्त हुआ, रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि आयोजन के 12 वें संस्करण ने भारतीय रक्षा क्षेत्र के विकास और शक्ति पर एक नया अध्याय लिखा है । उन्होंने इसे आत्मनिर्भरता के एक नए युग की शुरुआत बताया, जिसमें एक मजबूत और समृद्ध ‘न्यू इंडिया’ प्रमुख विश्व शक्तियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होने के लिए पूरी तरह से तैयार है । आयोजन की भव्य सफलता यह सबूत है कि आने वाले समय में वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने के लिए भारत पूरी तरह रास्ते पर है।

राजनाथ सिंह ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ सालों में भारत का कद विश्व स्तर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व व उनकी नीतियों के कारण बढ़ा है, उन्होंने इस बात पर विश्वास जताया कि रक्षा में ‘आत्मनिर्भरता’ और निर्यात में वृद्धि जल्द ही एक वास्तविकता बन जाएगा।

रक्षा मंत्री ने दुनिया के अनेक देशों के रक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का 12 वीं डेफएक्सपो को एक भव्य और सफल कार्यक्रम बनाने के लिए धन्यवाद अदा किया । उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधि रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में विनिर्माण के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे ‘न्यू इंडिया’ के उत्साह के गवाह थे । कोविड -19 महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद डेफ एक्सपो 2022 का सफल आयोजन न्यू इंडिया’ की जीवंत ऊर्जा और अदम्य भावना को दर्शाता है।

राजनाथ सिंह ने जोर दिया कि डेफएक्सपो 2022 ने विभिन्न देशों के साथ भारत के रक्षा सहयोग को बढ़ाने और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया । उन्होंने विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों, जिन्होंने डिफेक्सपो में सक्रिय रूप से भाग लिया, के साथ अपनी उपयोगी चर्चाओं पर प्रकाश डाला । साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र प्लस (आईओआर +) सम्मेलन के सफल आयोजन पर भी प्रकाश डाला । उन्होंने आईओआर को भारत के लिए रणनीतिक महत्व का क्षेत्र बताया और आईओआर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनाए रखने के लिए प्रधान मंत्री के ‘सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फ़ॉर ऑल इन द रीजन’ (सागर) दृष्टिकोण को दोहराया।

रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि डेफएक्सपो 2022 में अनेक देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडन की भागीदारी और बड़ी संख्या में प्रदर्शकों की भागीदारी, तथा अनेक देशों एवं कंपनियों के आभासी रूप से जुड़ने से आयोजन की शानदार सफलता स्पष्ट है। राजनाथ सिंह ने व्यापारिक संस्थाओं के साथ बड़ी संख्या में समझौता ज्ञापनों, उत्पाद लॉन्च, प्रमुख घोषणाओं, डीआरडीओ के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को देश में उभरते मजबूत रक्षा पारितंत्र का प्रमाण बताया और कहा कि यह रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया, मेड फॉर वर्ल्ड’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजनाथ सिंह ने कहा भारत आत्मनिर्भरता को पूरा करने के रास्ते पर तेजी से प्रगति कर रहा है, अनेक क्षेत्र ‘आत्मनिर्भर’ और वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन रहे हैं । उन्होंने कहा कि सरकार आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और रक्षा निर्यात में वृद्धि के जुड़वां उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के विकास की दिशा में प्रतिबद्ध है । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश 2025 तक 35,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करेगा । उन्होंने आशा व्यक्त की कि डेफएक्सपो 2022 का उत्साह अधिक सहयोग के माध्यम से नए क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा, जो भारत को अग्रणी रक्षा निर्माता और निर्यातक के रूप में आगे बढ़ाने में मदद करेगा और सरकार के 2047 के दृष्टिकोण की प्राप्ति में मदद करेगा।

रक्षा मंत्री ने दोहराया कि रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का उद्देश्य देश की सर्वोच्चता की स्थापना के लिए नहीं है । उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अपने परिवार के रूप में माना है और सभी के लिए कल्याण और विश्व शांति की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है । हम एक साथ व्यक्तिगत हितों की रक्षा के साथ साथ दुनिया के सामूहिक हितों की रक्षा करने में विश्वास करते हैं । हमारे आत्मनिर्भर की दिशा में किए जाए रहे प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि राष्ट्र और उसके लोग भविष्य के खतरों से सुरक्षित रहें।”

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देववत, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और सेना प्रमुख मनोज पांडे, रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार और रक्षा विभाग के ओएसडी गिरिधर अरामन समारोह में उपस्थित थे।

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