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गुजरात के भावनगर में देश का पहला स्क्रेपिंग पार्क

भारत के पहले स्क्रेपिंग पार्क का निर्माण गुजरात के भावनगर में किया जाएगा जिसे लेकर आज (13 अगस्त, 2021) को MoU पर हस्ताक्षर किए गए। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित इस समिट में पीएम मोदी, केंद्रीय परविहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री रूपाणी की मौजूदगी में ये समझौते किए गए। देशभर के 250 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलर और निवेशकों ने इसमें हिस्सा लिया। भारत में अभी जो स्क्रेपिंग होती है वो फायदेमंद नहीं है क्योंकि पुराने तरीकों से स्क्रेपिंग होने के कारण ज़रूरी मेटल बर्बाद हो जाते हैं और उनकी उचित वैल्यू नहीं मिल पाती। लेकिन साइंटिफिक आधारित स्क्रेपिंग होने से इन मेटल्स को सही तरीके से स्क्रेप किया जा सकेगा। गुजरात का स्क्रेपिंग पार्क इसी दिशा में सबसे अहम क़दम है।

पीएम मोदी ने कहा कि रिसाइकलिंग के क्षेत्र से रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा। उन्होंने इस अभियान को ‘कचरे से कंचन’ का नाम देते हुए कहा कि स्क्रेपिंग नीति से पर्यावरण और स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा। गुजरात के अलंग शिप रिसाइकलिंग सेंटर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह शिप रिसाइकलिंग में दुनिया में अपना हिस्सा बढ़ा रहा है उसी प्रकार स्क्रेपिंग पार्क का भी विकास होगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा देश को आत्मनिर्भर बनाने में ये स्क्रैपिंग पॉलिसी अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा “भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा ऑटो बाज़ार है। गुजरात में टाटा, होंडा, सुज़ुकी जैसी कई बड़ी कंपनियां हैं। ऱाज्य में ऑटोमोबाइल की संख्या बढ़ रही है इसलिए पुराने वाहनों की स्क्रेपिंग ज़रूरी है। ये पॉलिसी पुराने और खराब वाहनों की संख्या कम करके क्लाइमेट कर्न्ज़वेशन में योगदान देगी। पुराने वाहनों को रिसाइकिल करके लोकल स्क्रेप स्टील इंडस्ट्री, स्टील के इम्पोर्ट को कम कर सकती है। गुजरात अपने मौजूदा इकोसिस्टम का लाभ उठाते हुए इस दिशा में अग्रणी है”।

गौरतलब है कि इसी साल केन्द्रीय बजट में नई स्क्रेप पॉलिसी का ऐलान किया गया था जिसमें 20 साल और 15 साल पुराने कर्मशियल व्हीकल्स के लिए स्क्रेपिंग नीति बनाई गई है। इस नीति से ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्राहकों को लाभ होगा। नई पॉलिसी के तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नई गाड़ी खरीदते वक्त 5 फीसदी छूट जाएगी। गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4-6 फीसदी मालिक को दिया जाएगा। इसके साथ ही नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी। नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 3 साल के लिए 25 फीसदी तक छूट की बात कही गई है। राज्य सरकारें प्राइवेट गाड़ियों पर 25 फीसदी और कमर्शल गाड़ियों पर 15 प्रतिशत तक छूट दे सकते हैं।

इस पॉलिसी में डीजल और पेट्रोल के प्राइवेट वाहनों को 20 साल तक चलने की इजाजत दी गई है। जो प्राइवेट व्हीकल 20 साल से पुराने हैं, अगर ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो 1 जून 2024 से उनका रजिस्ट्रेशन ऑटोमेटिक रूप से खत्म हो जाएगा। फिटनेस में फेल होने पर गाड़ी स्क्रैप की जाएगी। प्राइवेट वाहनों को सुधार करने के लिए एक मौका दिया जाएगा लेकिन सुधार के बाद भी अगर वो फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाते हैं तो उन्हें स्क्रेप करना पड़ेगा। 1 अप्रैल से 2023 से 15 साल पुराने कमर्शल व्हीकल का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो जाएगा।

इस पॉलिसी के दायरे में 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख हल्के मोटर वाहन (Light Motor Vehicle) और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य हल्के मोटर वाहन आएंगे। इसके तहत 15 लाख मीडियम और हैवी मोटर वाहन भी आएंगे जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं और वर्तमान में इनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है। कोई वाहन इस ऑटोमैटिक टेस्ट को पास करने में नाकाम रहता है तो उसे सड़कों से हटाना पड़ेगा या भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। जब लोग पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करेंगे और नई गाड़ियां खरीदेंगे तो इससे सरकार को सालाना करीब 40 हजार करोड़ का जीएसटी आएगा। इससे सरकार के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

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