कृषि/खेती

अप्रैल 2020 के लिए ग्रामीण, शहरी और संयुक्त के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के चुनिंदा उप-समूहों/समूहों की कीमतों में दर्ज उतार-चढ़ाव जारी

अखिल भारतीय ग्रामीण, शहरी और संयुक्त के लिए संबंधित उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) को भी जारी किया गया है।  

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अप्रैल 2020 के लिए ग्रामीण, शहरी और संयुक्त के लिए आधार वर्ष 2012 = 100 पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के चुनिंदा उप-समूहों/समूहों के मूल्यों में दर्ज उतार-चढ़ाव (अनंतिम) और मार्च 2020 के लिए सीपीआई (अंतिम) को इस प्रेस नोट में जारी किया है। अखिल भारतीय ग्रामीण, शहरी और संयुक्त के लिए संबंधित उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) को भी जारी किया गया है।  

मूल्य डेटा आम तौर पर चुनिंदा 1114 शहरी बाजारों और चुनिंदा 1181 गांवों से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के एनएसओ के फील्ड ऑपरेशंस डिवीजन के फील्ड कर्मचारियों द्वारा साप्ताहिक रोस्टर पर अपने व्यक्तिगत दौरे के माध्यम से एकत्र किया जाता है। कोविड-19 महामारी के फैलाव को रोकने के लिए सरकार द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करने और विभिन्‍न निवारक उपायों को लागू करने के मद्देनजर मूल्य संग्रहकों के व्यक्तिगत दौरों के माध्यम से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के मूल्य संग्रह का कार्य 19 मार्च, 2020 से रोक दिया गया था। अप्रैल, 2020 में मूल्य डेटा को मोटे तौर पर निर्दिष्ट आउटलेटों या विक्रय केंद्रों से टेलीफोन पर बातचीत के जरिए एकत्र किया गया था। पड़ोस के आउटलेटों से फील्ड स्टाफ द्वारा की गई विभिन्‍न वस्‍तुओं की व्यक्तिगत खरीद के दौरान एकत्र की गई जानकारियों ने इसमें पूरक के तौर पर काम किया। पूरे देश में लगभग 200 स्थानों पर तैनात किए गए एनएसओ के एफओडी के अत्‍यंत अनुभवी और प्रोफेशनल कर्मचारियों के जरिए यह कवायद पूरी की गई। तदनुसार, एनएसओ ने 674 शहरी बाजारों और 524 गांवों से उन जिंसों (कमोडिटी) की कीमतों से संबंधित जानकारियां एकत्र कीं जो लॉकडाउन अवधि के दौरान उपलब्ध थीं और जिनका लेन-देन किया जा रहा था।

अप्रैल, 2020 में बाजार में विभिन्‍न उत्पादों के सीमित लेन-देन को ध्‍यान में रखकर पर्याप्तता के सिद्धांतों का पालन करते हुए सीपीआई के उप-समूहों/समूहों के मूल्यों में उतार-चढ़ाव को जारी करने का निर्णय लिया गया है। सीपीआई के इन उप-समूहों/समूहों के मूल्यों में उतार-चढ़ाव को निम्नलिखित मानदंडों पर आंका गया:

  1. केवल उन्हीं वस्तुओं की कीमतें शामिल की गईं, जिनके बारे में कम से कम 25% बाजारों (ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लिए अलग-अलग) से सूचनाएं प्राप्‍त हुई हैं और जिनका भारांक (वेटेज) संबंधित उप-समूहों/समूहों में 70% से अधिक है।

ii) अखिल भारतीय सूचकांकों को ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर एक साझा बाजार पर अलग-अलग विचार करके प्रत्यक्ष दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए संकलित किया गया है।

तदनुसार, ‘खाद्य और पेय’ समूह के अंतर्गत ‘मांस एवं मछली’ और ‘तैयार भोजन, नाश्ता, मिठाई, इत्‍यादि’ जैसे उप-समूहों के साथ-साथ ‘पान, तंबाकू एवं मादक द्रव्यों के समूह‘वस्त्र और फुटवियर समूह’ के मूल्यों में उतार-चढ़ाव को संकलित नहीं किया गया। ‘विविध’ समूह के अंतर्गत केवल ‘स्वास्थ्य’ उप समूह के सूचकांक को अप्रैल, 2020 के लिए संकलित किया गया है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर सामान्‍य सीपीआई और सूचकांक जारी नहीं किए जा रहे हैं।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के त्वरित अनुमान हर माह की 12 तारीख (या पिछले कार्य दिवस) को छह सप्ताह के अंतराल के साथ जारी किए जाते हैं। इसका संकलन स्रोत एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के साथ किया जाता है । वहीं, ये एजेंसियां उत्पादन करने वाले कारखानों/प्रतिष्ठानों से डेटा प्राप्त करती हैं। हालांकि, वैश्विक कोविड-19 महामारी और इसके परिणामस्वरूप मार्च, 2020 से ही लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन उपायों के कारण उत्पादक इकाइयों से डेटा का प्रवाह काफी प्रभावित हुआ। चूंकि इनमें से कुछ इकाइयों में संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ हैं, इसलिए वहां से जवाब मिलने की गति सामान्य से कम रही है। इसके परिणामस्वरूप  त्वरित अनुमानों में संशोधन होने की संभावना है और इसे आईआईपी की संशोधन नीति के अनुसार बाद की विज्ञप्तियों में शामिल किया जाएगा।

मार्च 2020 में  2011-12 के आधार वर्ष वाले औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का त्वरित अनुमान 120.1 अंक रहा। मार्च 2020 में खनन, विनिर्माण और बिजली सेक्‍टरों के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक क्रमशः 132.7, 114.8 और 149.2 अंक रहा है।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार  मार्च 2020 में सूचकांक प्राथमिक वस्तुओं के लिए 135.6 अंक, पूंजीगत सामान के लिए 76.4 अंक, मध्‍यवर्ती वस्तुओं के लिए 125.8 अंक और बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं के लिए 118.4 अंक रहे हैं। इसके अलावा, टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान और गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान के लिए सूचकांक मार्च 2020 में क्रमशः 88.1 और 131.2 अंक रहे हैं।

मार्च 2020 के लिए आईआईपी के त्वरित अनुमानों को पेश करने के साथ-साथ  फरवरी 2020 के लिए सूचकांकों में प्रथम संशोधन किया गया है, जबकि दिसंबर 2019 के लिए सूचकांकों में अंतिम संशोधन किया गया है। स्रोत एजेंसियों से प्राप्त अद्यतन आंकड़ों को ध्‍यान में रखकर ही ये संशोधन किए गए हैं।

PIB

Khushi Bhargav

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