भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने छह फर्मों के खिलाफ 29 अक्टूबर, 2021 को अंतिम आदेश जारी कर दिया। इन फर्मों को धारा 3(3)(डी) समेत प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया था। इन धाराओं के तहत प्रतिस्पर्धा-रोधी समझौतों का निषेध है।
सीसीआई ने पाया कि ये सभी फर्मों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पतले पॉली-एथीलीन कवर (एलडीपीई) की आपूर्ति करने में आपस में गोलबंदी की। इन फर्मों ने इन एलडीपीई की कीमत तय करने में सीधे या परोक्ष रूप से हस्तक्षेप किया, टेंडर प्राप्त करने में, बोली तय करने में और बोली प्रक्रिया में दखलंदाजी की। एफसीआई की तरफ से दायर शिकायत पर मामला शुरू किया गया था।
उपरोक्त मामले को देखते हुये सीसीआई ने एफसीआई द्वारा जारी टेंडर के सम्बंध में बोली में गड़बड़ी करने और आपस में गोलबंदी करने का दोषी पाते हुये छह फर्मों के खिलाफ बंदी तथा काम रोकने का आदेश जारी कर दिया। बहरहाल, सीसीआई ने इन फर्मों पर कोई जुर्माना नहीं लगाया, क्योंकि छह में से चार फर्मों ने कम जुर्माना लगाने की अपीलकी थी और अपना कदाचार स्वीकार कर लिया था। फर्मों ने जांच के दौरान अपनी आपराधिक कार्य-प्रणाली को स्वीकार किया था और सीसीआई के साथ पूरा सहयोग करने का वायदा किया था। इसके अलावा ये फर्में एमएसएमई के वर्ग में आती हैं, जहां स्टाफ और कारोबार सीमित है। सीसीआई ने कोविड-19 के हालात का भी ध्यान रखा, जिसके कारण एमएसएमई सेक्टर दबाव में रहा है।
आज विश्व धरोहर दिवस है। यह दिन सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की विविधता, संवेदनशीलता और… Read More
ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बेसिल) ने उन्नत प्रौद्योगिकियों, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता विकास के… Read More
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और राहतभरा निर्णय लेते हुए उत्तर… Read More
अमेरिका ने रूस से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने संबंधी, छूट को एक महीने के लिए बढ़ा… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति तथा आगामी… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू बीमा पूल के निर्माण… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment