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CAQM ने आगामी सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उसमें कमी लाने के उपायों के संबंध में एनसीटी दिल्‍ली की क्षेत्र विशेष से संबंधित तैयारियों की व्यापक समीक्षा की

दिल्ली में सर्दियों के महीनों में जब पराली जलाने, पटाखे चलाने आदि जैसी समय-समय पर होने वाली घटनाओं सहित जलवायु की परिस्थितियों और मानवजनित कारकों के कारण वायु प्रदूषण की स्थिति काफी बिगड़ जाती है, उस समय वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने के उद्देश्य से एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 26 सितंबर, 2023 को दिल्ली के मुख्य सचिव, एनडीएमसी के अध्यक्ष, प्रधान सचिव, पर्यावरण, आयुक्त एमसीडी, आयुक्त, परिवहन और डीपीसीसी सहित दिल्ली के एनसीटी की सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

सीएक्यूएम पहले ही, जुलाई, 2023 में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) प्रकाशित कर चुका है, जिसमें दिल्ली में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के विभिन्न चरणों के आधार पर वायु प्रदूषण फैलाने वाले विभिन्न क्षेत्रों में की जाने वाली निवारक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों को व्‍यापक रूप से शामिल किया गया है।

जीआरएपी में चरण-I के अंतर्गत 27, चरण-II के अंतर्गत 11, चरण-III के अंतर्गत 08 और चरण-IV के अंतर्गत 08 कार्रवाइयों की परिकल्पना की गई है। इनमें अन्य बातों के अलावा मशीनीकृत स्वीपिंग को तेज करना, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग करना, पानी का छिड़काव करना, वाहनों के लिए पीयूसी मानदंडों को लागू करना, डीजी सेटों का नियंत्रण और विनियमित उपयोग, बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना, एंड-ऑफ- लाइफ वाहनों (ईएलवी) तथा बीएस III और बीएस IV पेट्रोल और डीजल वाहन आदि के संचालन पर रोक शामिल हैं।

राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटी) में 7,041 बसें हैं यानी 4,088 डीटीसी बसें और 2,953 क्लस्टर बसें, जिनमें 456 ई-बसें और 94 मिनी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सितंबर, 2023 तक 850 बसें और मार्च, 2024 तक 650 बसें जोड़कर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने की योजना है। 23 सितंबर, 2023 तक, दिल्ली में 943 पीयूसी प्रमाणन स्टेशन चालू हैं और 33.56 लाख पीयूसी प्रमाणपत्र एनसीटी दिल्ली में जारी किए गए हैं।

22 सितंबर, 2023 तक दिल्ली में 2.38 लाख से अधिक ईवी पंजीकृत हैं। दिल्ली में वर्तमान में 3,100 चार्जिंग स्टेशन, 4,793 चार्जिंग पॉइंट और 318 स्वैपिंग स्टेशन हैं और 2025 तक 18,000 सार्वजनिक और 30,000 निजी/अर्ध-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है।

जीआरएपी वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों में योगदान देने के लिए नागरिक चार्टर के अंतर्गत नागरिकों से चरण- I, II और III के दौरान क्रमशः 10, 05 और 06 अपेक्षित कार्रवाई योग्य बिंदुओं का भी प्रावधान करता है। एनसीटी दिल्ली की सरकार को जीआरएपी और नागरिक चार्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी गई।

धूल नियंत्रण उपायों के अंतर्गत दिल्ली में मशीनीकृत सफाई के लिए 83 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) मशीनें हैं। मशीनीकृत रूप से प्रतिदिन साफ की जाने वाली सड़क की औसत लंबाई लगभग 2,700 किमी है। प्रतिदिन सड़क की लगभग 125 मीट्रिक टन धूल एकत्र कर उसका निस्तारण किया जा रहा है। दिल्ली में औसतन 2,600 किमी की दूरी को कवर करते हुए 320 वॉटर स्प्रिंकलर भी तैनात किए जा रहे हैं। प्रतिदिन सड़क की मशीनीकृत सफाई और पानी के छिड़काव की क्षमता बढ़ाने और इनके उपयोग में तेजी लाने की सलाह दी गई है।

वर्तमान में, सी एंड डी साइटों पर स्थापित एएसजी के अलावा इमारतों, सड़कों और खुले क्षेत्रों और उनके आसपास धूल को नियंत्रित करने के लिए 389 एंटी-स्मॉग गन (एएसजी) की तैनाती की जा रही है। दिल्ली ने एएसजी की तैनाती के लिए 90 से अधिक ऊंची इमारतों की पहचान की है, जिस पर 47 सरकारी और 43 निजी ऊंची इमारतों में एएसजी स्थापित की गई हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि एमसीडी, डीसीबी, डीडीए, एनडीएमसी, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एनबीसीसी, सीपीडब्ल्यूडी आदि सरकारी विभागों को एएसजी की स्थापना के लिए और अधिक ऊंची इमारतों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है।

इस वर्ष उत्तर भारत में कई त्योहार धान की कटाई के व्‍यस्‍ततम या पीक सीजन के समय आने वाले हैं, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर होने वाली घटनाओं से उपजे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पटाखों के भंडारण, बिक्री और इस्‍तेमाल के संबंध में सरकार/न्यायालय के आदेशों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।

दिल्ली सरकार ने हॉटस्पॉट से प्रदूषण नियंत्रण के लिए आनंद विहार, मुंडका, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, आर के पुरम, रोहिणी, पंजाबी बाग, ओखला, बवाना, विवेक विहार, नरेला, अशोक विहार और द्वारका नामक 13 हॉटस्पॉट की पहचान की है। केंद्रित निवारक कार्रवाइयों के लिए हॉटस्पॉट से प्रमुख वायु प्रदूषण स्रोतों की विस्‍तृत सूची तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है। कार्य योजना के अनुसार, हॉटस्पॉट से हो रहे वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष रूप से नोडल अधिकारियों को तैनात करने की सलाह दी गई थी।

बैठक में यह आश्वासन दिया गया कि विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियां ​​विभिन्न क्षेत्रों में सख्त और प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ जीआरएपी के तहत सूचीबद्ध कार्रवाई योग्य कदमों को लागू करके वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करेंगी।

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