News-Headlines

भारत और मिस्र के बीच 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई

भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) ने 20 से 22 अप्रैल, 2026 तक काहिरा में आयोजित अपनी 11 वीं बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में सार्थक चर्चा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) श्री अमिताभ प्रसाद ने किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्रालय और रक्षा बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा बलों और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

दोनों पक्षों ने पिछली संयुक्त रक्षा सम्मेलन बैठक के बाद से हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। रक्षा सहयोग के लिए दोनों पक्षो ने एक दूरदर्शी रूपरेखा तैयार की। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य संरचित सैन्य अंतःक्रिया तंत्रों का विस्तार करना, संयुक्त प्रशिक्षण आदान-प्रदान को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाना और रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं पर एक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में यह दर्शाया गया कि इसका उत्पादन 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। भारत 100 से अधिक देशों को लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पाद निर्यात कर रहा है। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग सहयोग योजना विकसित करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा उद्योग सहयोग भारत-मिस्र रक्षा संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है। दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की खोज कर रहे हैं।

इस बैठक के दौरान नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता का उद्घाटन किया गया। हिंद महासागर क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में भारतीय नौसेना द्वारा निभाई गई उत्कृष्ट भूमिका को प्रस्तुत किया गया। समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत के सूचना संलयन केंद्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र की वायु सेना (ईएएफ) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमर अब्देल रहमान साकर से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए मिस्र की वायु सेना कमांडर को धन्यवाद दिया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलीपोलिस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि दी।

भारत-मिस्र रक्षा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री की मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) थी। द्विपक्षीय संबंधों को वर्ष 2023 में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया। 11 वीं बैठक ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि की। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति उनकी पारस्परिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

homeas

Leave a Comment

Recent Posts

भारत ने फ्रांस के हवाई अड्डों से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा मुक्‍त ट्रांजिट की घोषणा का स्वागत किया

भारत ने फ्रांस के हवाई अड्डों से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा… Read More

10 minutes ago

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के… Read More

2 hours ago

सीबीएसई दसवीं परीक्षा 2026 का दूसरा चरण 15 मई से आयोजित करेगा

सीबीएसई दसवीं परीक्षा 2026 का दूसरा चरण 15 मई से आयोजित करेगा। यह परीक्षा वैकल्पिक… Read More

2 hours ago

This website uses cookies.