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कृषि मंत्री ने फसल बीमा सप्ताह का शुभारंभ किया, फसल बीमा योजना ने किसानों को 95,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज फसल बीमा योजना जागरूकता अभियान की शुरुआत की। देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर केंद्र सरकार की ‘ आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के तहत आज से योजना के लिए विशेष फसल बीमा सप्ताह की शुरुआत हुई। इस अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया है।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए, कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्रत्येक किसान को सुरक्षा कवच प्रदान करना है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस योजना ने किसानों को 95,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान कर एक मील का पत्थर हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के क्रियान्वयन में राज्य सरकारों और बीमा कंपनियों की अहम भूमिका है। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि पिछले चार वर्षों में किसानों द्वारा 17 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया गया, जिसके एवज में दावों के रूप में उन्हें 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश में इस योजना का विस्तार करने की जरूरत है ताकि इसका दायरा बढ़ाया जा सके और अधिक किसानों को लाभ मिले।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने आईईसी वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो फसल बीमा सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के बारे में किसानों को जागरूक करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, इसके लाभों और फसल बीमा की प्रक्रिया को समझने में किसानों की सहायता के लिए पीएमबीएफवाई ई-ब्रोशर, एफएक्यू बुकलेट और एक गाइडबुक भी लॉन्च की।

पूरे फसल बीमा सप्ताह के दौरान, यह अभियान खरीफ 2021 सीजन के तहत सभी अधिसूचित क्षेत्रों/जिलों को कवर करेगा, जिसमें कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय द्वारा चिन्हित किये गए उन 75 आकांक्षी / जनजातीय जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां फसल बीमा की पहुंच कम है। 1 जुलाई से लेकर 7 जुलाई 2021 तक, डिजिटल मीडिया सहित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) वैन, रेडियो, क्षेत्रीय समाचार पत्रों, वॉल पेंटिंग आदि के जरिए इन क्षेत्रों / जिलों के किसानों को फसल बीमा योजना के साथ जोड़ने के लिए कई गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

जमीनी और डिजिटल स्तर पर चलने वाली पहलें इस योजना की मूल बातों जैसे कि एनसीआईपी पोर्टल, सीएससी केन्द्रों, बीमा कंपनियों, बैंकों में इस योजना के तहत नामांकन कैसे करें, विभिन्न परिस्थितियों में बीमा का दावा कैसे करें, शिकायत निवारण और फसल की हानि के बारे में सूचना कैसे दें आदि के बारे में किसान को अवगत करायेंगी। यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों के किसानों के साथ-साथ महिला किसानों को भी जोड़ेगा।

इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो कहानियों के माध्यम से उन लाभार्थी किसानों की कहानियों को सामने लाना है, जो न केवल इस योजना से लाभान्वित हुए हैं, बल्कि जिन्होंने अपने विचार-नेतृत्व के जरिए पूरे कृषक समुदाय की मदद की है।

यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है कि जहां कहीं भी जमीनी स्तर पर ये अभियान आयोजित किए जा रहे हैं, विशेष रूप से कई राज्यों द्वारा किए जाने वाले शुभारंभ समारोहों के दौरान कोविड -19 संबंधी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।

केन्द्रीय मंत्री ने सभी राज्य सरकारों और बैंकों, सीएससी, बीमा कंपनियों जैसे अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने और पहचान किए गए इन 75 ब्लॉकों / मंडलों / तहसीलों के किसानों तक पहुंचने का आग्रह किया। उन्होंने सभी किसानों से आगे आने और फसल बीमा का लाभ उठाने, संकट के समय में आत्मनिर्भर बनने और आत्मनिर्भर किसान के निर्माण में सहयोग देने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का शुभारंभ 2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और भारत के किसानों को प्रकृति की अनिश्चितताओं से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और उनकी कड़ी मेहनत को सुरक्षित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत किया गया था। अब तक, इस योजना ने 29.16 करोड़ से अधिक किसानों के आवेदनों (वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 5.5 करोड़ किसानों के आवेदन) का बीमा किया है। पांच वर्षों की अवधि में, 8.3 करोड़ से अधिक किसानों के आवेदनों ने इस योजना का लाभ उठाया है। इसके अलावा, 20,000 करोड़ रुपये के किसानों की हिस्सेदारी की एवज में 95,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया है।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में राज्यमंत्री परूषोत्तम रूपाला, कैलाश चौधरी और कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव संजय अग्रवाल सहित कृषि मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, प्रतिभागी राज्यों के कृषि मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारीगण, बीमा कंपनी के अधिकारीगण और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

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