सुप्रीम कोर्ट ने आज 14 राजनीतिक दलों की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि केन्द्र सरकार, केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की खंडपीठ ने कहा कि तथ्यात्मक संदर्भ के बिना न्यायालय सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विपक्षी पार्टियों की ओर से यह याचिका दायर की थी जिसमें दावा किया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा विपक्षी नेताओं के नाम दर्ज मामलों में बढोतरी हो रही है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड ने याचिका की वैधता और इसके औचित्य पर संदेह व्यक्त करते हुए मनु सिंघवी से पूछा कि क्या वे विपक्षी दलों के लिए जांच से प्रतिरक्षा की मांग कर रहे हैं और क्या उनके पास नागरिक के रूप में कोई विशेष अधिकार हैं।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड, मनु सिंघवी के टिप्पणियों से संतुष्ट नहीं थे और कहा कि यह याचिका वास्तव में राजनेताओं की ओर से दलील के तौर पर पेश की गई है। उन्होंने कहा कि इस याचिका में भ्रष्टाचार या आपराधिकता से प्रभावित अन्य नागरिकों के अधिकारों और हितों का ध्यान नहीं रखा गया है।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment