सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत 13 मई, 2020 को ‘डिस्ट्रेस्ड एसेट्स फंड- स्ट्रेस्ड एमएसएमई हेतु अधीनस्थ ऋण’ के सृजन की घोषणा की थी।
इसके अनुसार सरकार द्वारा 1 जून, 2020 को एक योजना अर्थात ‘सहायक ऋण हेतु ऋण गारंटी योजना’ नामक एक योजना को मंजूरी दी गई थी और एसएमए-2 जैसे स्ट्रेस्ड एमएसएमई के प्रमोटरों तथा भारतीय रिजर्व बैंक के मार्गनिर्देशों के अनुसार ऋणदाता संस्थाओं की सूची में पुनर्जीवन के लिए पात्र एनपीए खातों के लिए ऋण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 24 जून, 2020 को योजना की शुरुआत की गई थी। यह योजना 31.03.2021 तक प्रभावी थी।
स्ट्रेस्ड एमएसएमई इकाइयों को खुला रखने में सहायता के रास्ते खुले रखने के लिए, सरकार ने पहले इस योजना को 31.03.2021 से छह महीने के लिए बढ़ाकर 30.09.2021 तक लागू करने का निर्णय लिया था।
योजना के हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, सरकार ने इसे 30.09.2021 से आगे छह महीने की अवधि के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह योजना अब 31.03.2022 तक प्रभावी रहेगी।
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