आयुष मंत्रालय 18 से 19 मई 2023 तक नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय आयुष मिशन सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इस आयोजन में मुख्य अतिथि होंगे। आयुष और पत्तन, पोत परिहवन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गोवा, झारखंड, उत्तराखंड, असम, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य तथा आयुष मंत्रियों सहित जम्मू-कश्मीर आदि के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
उदघाटन सत्र में आयुष मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय की एक आईसीटी पहल भी लॉन्च की जाएगी।
राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम), आयुष मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के सक्रिय सहयोग से यह राज्यों में स्वास्थ्य एवं कल्याण परिदृश्य में बदलाव ला रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल का मार्ग प्रशस्त करेगा और आयुष स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों (एएचडब्ल्यूसी) की कार्यप्रणाली को मजबूत करेगा।
दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने वाले राज्यों के विषय विशेषज्ञ राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे, जो एनएएम के तहत बजट समावेश में वृद्धि पर केंद्रित है। इस दौरान आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दवाओं की बेहतर आपूर्ति को सक्षम बनाने, आयुष के लिए क्षमता निर्माण और आयुष स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों (एएचडब्ल्यूसी) को अपग्रेड करने, अनुसंधान के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य और तकनीकी एकीकरण को मजबूत करने की दिशा में शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और आयुष सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में गुणवत्ता की गारंटी देना जैसे पहुलुओं की जानकारी दी जाएगी।
आयुष मंत्रालय की कोशिश आयुष प्रणाली के एकीकरण के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण प्रणाली को मजबूत करना रही है। प्रमुख कार्यक्रम राष्ट्रीय आयुष मिशन 2014 में शुरू किया गया था और इसने भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करने एवं बढ़ावा देने और मुख्यधारा की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में उनका एकीकरण करने में अहम भूमिका अदा की है।
इसका उद्देश्य भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत, आयुष स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों (एएचडब्ल्यूसी) के माध्यम से देश भर में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता को और अधिक लोगों तक पहुंचाना है। हाल ही में शुरू किए गए आयुष सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अलावा आयुष सेवाओं और आयुष शैक्षणिक संस्थानों के घटकों को भी एनएएम में शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र प्रायोजित योजना और चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के माध्यम से मौजूदा आयुष औषधालयों/स्वास्थ्य उप-केंद्रों को अपग्रेड करके 12,500 आयुष एचडब्ल्यूसी के संचालन को मंजूरी दे दी है। अब तक पूरे भारत में 8500 से अधिक एएचडब्ल्यूसी स्थापित किए जा चुके हैं जो समुदायों की सेवा कर रहे हैं।
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