Categories: News-Headlines

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास का मंत्र भगवान विट्ठल के उपदेशों से प्रेरित है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास का मंत्र भगवान विट्ठल के उपदेशों से प्रेरित है और भगवान विट्ठल ने उन्‍हें अन्‍य भक्‍तों से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने यह बात आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाराष्‍ट्र के पंढरपुर में श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग-राष्ट्रीय राजमार्ग 965 के पांच खंडों तथा श्री संत तुकाराम पालखी मार्ग-राष्ट्रीय राजमार्ग 965 जी के तीन खंडों को चार लेन का बनाने की आधारशिला रखने के बाद कही। इन सड़क परियोजनाओं का उद्देश्‍य श्रद्धालुओं के लिए पंढरपुर तक की यात्रा आसान बनाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य के अनुसार भगवान विट्ठल प्रसन्‍नता के प्रतीक हैं और पंढरपुर आनंद की भूमि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़कें विकास का प्रवेश द्वारा होती हैं। उन्‍होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्‍मरण करते हुए कहा कि जहां सड़कों का निर्माण होता है विकास भी वहीं पहुंचता है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन को वारकरियों का समर्थन मिला तथा उन्‍होंने भी निर्मल वारी शुरू की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आध्‍यात्मिक जुलूस दिंडी में किसी तरह का जातीय भेदभाव नहीं होता।

प्रधानमंत्री मोदी ने वारकरियों से मुख्‍य तीर्थस्‍थल तक जा रही सड़क पर पौधे लगाने का आग्रह किया, जो भविष्‍य में बड़े पेड़ बनकर छाया देंगे। उन्‍होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पंढरपुर देश के सबसे स्‍वच्‍छ तीर्थस्‍थलों में से एक बने। यह केवल जन आंदोलन के जरिये संभव हो सकता है तथा इस सपने को साकार करने के लिए स्‍थानीय लोगों को भी भागीदारी करनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकतर वारकरी कृषि समुदाय से आते हैं तथा जब किसान समृद्ध होगा, समाज भी समृद्ध बनेगा। उनहोंने कहा कि एक सच्‍चा अन्‍नदाता समाज को जोड़ता है और समाज के लिए जीता है।

दिवेघाट से मोहोल तक लगभग 221 किलोमीटर के संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग के निर्माण पर 6 हजार 6 सौ 90 करोड़ रुपये से अधिक तथा लगभग 130 किलोमीटर लम्बे पाटस से टोंडेल-बोंदले तक के संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग के निर्माण पर चार हजार चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत आएगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 223 किलोमीटर से अधिक और उन्‍नत सड़क परियोजनाएं राष्‍ट्र को समर्पित कीं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास का मंत्र भगवान विट्ठल के उपदेशों से प्रेरित है और भगवान विट्ठल ने उन्‍हें अन्‍य भक्‍तों से जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने यह बात आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाराष्‍ट्र के पंढरपुर में श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग-राष्ट्रीय राजमार्ग 965 के पांच खंडों तथा श्री संत तुकाराम पालखी मार्ग-राष्ट्रीय राजमार्ग 965 जी के तीन खंडों को चार लेन का बनाने की आधारशिला रखने के बाद कही। इन सड़क परियोजनाओं का उद्देश्‍य श्रद्धालुओं के लिए पंढरपुर तक की यात्रा सुगम बनाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य के अनुसार भगवान विट्ठल प्रसन्‍नता के प्रतीक हैं और पंढरपुर आनंद की भूमि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़कें विकास का प्रवेश द्वारा होती हैं। उन्‍होंने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी का स्‍मरण करते हुए कहा कि जहां सड़कों का निर्माण होता है विकास भी वहीं पहुंचता है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन को वारकरियों का समर्थन मिला तथा उन्‍होंने भी निर्मल वारी शुरू की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आध्‍यात्मिक जुलूस दिंडी में किसी तरह का जातीय भेदभाव नहीं होता। प्रधानमंत्री मोदी ने वारकरियों से मुख्‍य तीर्थस्‍थल तक जा रही सड़क पर पौधे लगाने का आग्रह किया, जो भविष्‍य में बड़े पेड़ बनकर छाया देंगे। उन्‍होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पंढरपुर देश के सबसे स्‍वच्‍छ तीर्थस्‍थलों में से एक बने। यह केवल जन आंदोलन के जरिये संभव हो सकता है तथा इस सपने को साकार करने के लिए स्‍थानीय लोगों को भी भागीदारी करनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकतर वारकरी कृषि समुदाय से आते हैं तथा जब किसान समृद्ध होगा, समाज भी समृद्ध बनेगा। उनहोंने कहा कि एक सच्‍चा अन्‍नदाता समाज को जोड़ता है और समाज के लिए जीता है।

दिवेघाट से मोहोल तक लगभग 221 किलोमीटर के संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग के निर्माण पर 6 हजार 6 सौ 90 करोड़ रुपये से अधिक तथा लगभग 130 किलोमीटर लम्बे पातस से टोंडेल-बोंदले तक के संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग के निर्माण पर चार हजार चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत आएगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 223 किलोमीटर से अधिक की पूर्ण और उन्‍नत सड़क परियोजनाएं भी राष्‍ट्र को समर्पित कीं। पंढरपुर तक आवाजाही मजबूत करने के लिए विभिन्‍न राष्‍ट्रीय राजमार्गों पर निर्मित इन सड़क परियोजनाओं पर एक हजार 180 रुपये की अनुमानित लागत आई है। इन परियोजनाओं में म्‍हासवाड-पिलिव-पंढरपुर, कुरूवाडी- पंढरपुर, पंढरपुर-संघोला, राष्‍ट्रीय राजमार्ग 561 ए का तेमभुरनी-पंढरपुर खंड तथा राष्‍ट्रीय राजमार्ग 561 ए का पंढरपुर-मंगलवेधा-उमादी खंड शामिल हैं।

इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित कई गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित हैं।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

17 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

17 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

17 hours ago

This website uses cookies.