श्रीलंका में जातीय मुद्दे का समाधान खोजने की दिशा में देश के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कल सर्वदलीय बैठक बुलाई है। राष्ट्रपति बैठक में इन दलों को राष्ट्रीय सहमति कार्यक्रम की जानकारी दे सकते हैं। पिछले सप्ताह अपनी भारत यात्रा के दौरान रानिल विक्रमसिंघे ने प्रधानमंत्री को बताया था कि वे जातीय मुद्दे का समाधान ढूंढने और संविधान के तेरहवें संशोधन को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्थानीय समाचार पत्रों ने बताया है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल सर्वदलीय बैठक में भाग लेंगे। मुख्य विपक्षी दल समागी जन बलावेगया ने बैठक में भागीदारी को लेकर अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। सर्वदलीय बैठक में श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों को और अधिकार देने के बारे में चर्चा की जाएगी। भारत श्रीलंका से आग्रह करता रहा है कि संविधान के तेरहवें संशोधन को लागू करे। यह संशोधन 1987 के भारत श्रीलंका के समझौते के बाद किया गया था जिसमें उत्तरी और पूर्वी प्रांतों को अधिकार दिए जाने के प्रावधान हैं।
पिछले सप्ताह रानिल विक्रमसिंघे की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत को आशा है कि श्रीलंका तमिल समुदाय की आकांक्षाएं पूरी करेगा और तेरहवें संशोधन को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता निभायेगा।
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