Categories: News-Headlines

शिक्षा मंत्रालय ने, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल’ के तहत युवा संगम के तीसरे चरण की शुरुआत की

शिक्षा मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के विभिन्न भागों से आने वाले 50 छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सांस्कृतिक-सह-शिक्षा दौरे के लिए पश्चिम बंगाल की यात्रा के साथ युवा संगम के तीसरे चरण की शुरुआत की। एक भारत, श्रेष्ठ भारत पहल के तहत युवा संगम प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को देश की समृद्ध विविधता से परिचित कराने की कोशिश करता है। इसका उद्देश्य लोगों से लोगों के जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए मेजबानी करने वाले राज्य में जीवन के अनूठे पहलुओं, विकास स्थलों, वास्तुकला और अभियांत्रिकी के चमत्कारों, औद्योगिक प्रगति और हाल की उपलब्धियों का एक व्यापक अनुभव प्रदान करना भी है।

युवा संगम के चल रहे चरण के अंग के रूप में, पूरे नवंबर और दिसंबर 2023 में अनुभव प्राप्त की जाने वाली यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें मुख्य रूप से उच्च शैक्षणिक संस्थानों (एचईआई) में पढ़ने वाले छात्र और 18-30 वर्ष की आयु वर्ग के ऑफ-कैंपस युवा शामिल होंगे और वे अपने युग्मित राज्यों की यात्रा करेंगे। अपनी यात्राओं के दौरान, प्रतिनिधियों को मेजबानी करने वाले राज्यों में पांच व्यापक क्षेत्रों, जैसे पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और पारस्परिक संपर्क (लोगों से लोगों का जुड़ाव) का बहु-आयामी अनुभव प्राप्त होगा।

युवा संगम चरण-III में, 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी होगी, जिसमें अनुभव प्राप्त की जाने वाली यात्राएं आयोजित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा: आंध्र प्रदेश का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय-आईआईटी दिल्ली; आईआईटी धारवाड़-आईआईटी रोपड़; एसपीपीयू पुणे-आईआईटी गुवाहाटी; आईआईटी हैदराबाद-बीएचयू वाराणसी; आईआईएम त्रिची-आईआईआईटी कोटा; आईआईएम संबलपुर-एनआईटी कालीकट; आईआईआईटीडीएम जबलपुर-आईआईटी खड़गपुर; आईआईआईटी रांची-एनआईटी कुरूक्षेत्र; एनआईटी गोवा-आईआईटी भिलाई और आईआईएम बोधगया- आईआईआईटी सूरत।

युवा संगम के पहले दो चरणों में प्राप्त जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए, जिसमें 2000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया था, चरण 3 में भी भारी जोश और उत्साह देखने की आशा है। यह चरण भारत सरकार द्वारा एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तत्वावधान में इस अनूठी पहल के पीछे के विचार को आगे बढ़ाएगा, जिसका उद्देश्य न केवल बदलाव लाने वाले युवा एजेंटों के बौद्धिक क्षितिज का विस्तार करना है, बल्कि उन्हें पूरे भारत में विविधता के प्रति संवेदनशील बनाना है, ताकि वे भविष्य के अधिक जुड़े हुए, सहानुभूतिपूर्ण और तकनीकी रूप से मजबूत भारत के लिए, अपने ज्ञान का उपयोग कर सकें।

Leave a Comment

Recent Posts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि महत्वपूर्ण… Read More

39 minutes ago

सरकार ने धोलेरा विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारत के पहले चिप फैब्रिकेशन प्लांट की अधिसूचना जारी की

सरकार ने अधिसूचित किया है कि टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा… Read More

39 minutes ago

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। बातचीत के दौरान,… Read More

39 minutes ago

ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले समृद्ध यूरेनियम को सौंपने पर सहमत: अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में… Read More

39 minutes ago

ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की

ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से… Read More

3 hours ago

NHRC ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंट भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी के 216 मामलों की ऑनलाइन सुनवाई की

भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में… Read More

3 hours ago

This website uses cookies.