Categories: News-Headlines

वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष कबाड़ से किसी के मारे जाने के जोखिम की आशंका जताई

आकाश से गिरने वाले अंतरिक्ष कबाड़ से किसी के मारे जाने की संभावना हास्यास्पद रूप से छोटी लग सकती है। आखिरकार, इस तरह की दुर्घटना से अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है, हालांकि चोट लगने और संपत्ति को नुकसान के मामले सामने आए हैं। लेकिन यह देखते हुए कि हम अंतरिक्ष में बड़ी संख्या में उपग्रह, रॉकेट और प्रोब लॉन्च कर रहे हैं, क्या हमें जोखिम को अधिक गंभीरता से लेना शुरू करने की आवश्यकता है? नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित एक नए अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि अगले दस वर्षों में रॉकेट के पुर्जे गिरने से लोगों के हताहत होने की आशंका है।

हर दिन के हर मिनट, अंतरिक्ष से हमारे ऊपर मलबा बरसता है – एक ऐसा खतरा जिससे हम लगभग पूरी तरह अनजान हैं।

क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के सूक्ष्म कण पृथ्वी की सतह पर गिरते हैं, लेकिन इनपर किसी का ध्यान नहीं जाता। यह हर साल पृथ्वी पर लगभग 40,000 टन धूल जोड़ते हैं।

यह कण हमारे लिए कोई समस्या नहीं है, लेकिन ऐसे मलबे अंतरिक्ष यान को नुकसान पहुंचा सकते हैं – जैसा कि हाल ही में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के साथ हुआ था।

कभी-कभी, उल्कापिंड के रूप में एक बड़ा नमूना जमीन पर आता है, और शायद हर 100 साल में एक बार, दसियों मीटर का कोई उल्कापिंड वातावरण से गुजरता हुआ धरती पर गिरकर एक गड्ढा बना देता है।

यह सौभाग्य की बात है कि ऐसा बहुत कम होता है कि किलोमीटर के आकार की वस्तुएं सतह तक आएं, अगर ऐसा हो तो इससे मृत्यु और विनाश हो सकता है – कभी पृथ्वी पर घूमने वाले डायनासोर का विलुप्त होना ऐसी ही एक घटना का परिणाम था।

ये प्राकृतिक अंतरिक्ष मलबे के उदाहरण हैं, जिसका अनियंत्रित आगमन अप्रत्याशित है और कमोबेश पूरे विश्व में समान रूप से फैला हुआ है।

हालांकि, नए अध्ययन ने कृत्रिम अंतरिक्ष मलबे के अनियंत्रित आगमन की आशंका की जांच की, जैसे रॉकेट लॉन्च और उपग्रहों से जुड़े रॉकेट के अलग हुए टुकड़े।

अंतरिक्ष में रॉकेट के टुकड़ों की स्थिति और कक्षाओं के गणितीय मॉडलिंग और उनके नीचे जनसंख्या घनत्व के साथ-साथ पिछले उपग्रह डेटा के 30 साल के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, लेखकों ने अनुमान लगाया कि रॉकेट मलबे और अंतरिक्ष के अन्य टुकड़े कब भूमि पर वापस आ सकते हैं।

उन्होंने पाया कि आने वाले दशक में इसी तरह के टुकड़ों के फिर से वातावरण में प्रवेश करने का एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण जोखिम है।

लेकिन उत्तरी अक्षांशों की तुलना में दक्षिणी अक्षांशों पर ऐसा होने की अधिक संभावना है। वास्तव में, अध्ययन ने अनुमान लगाया कि रॉकेट के टुकड़े गिरने की संभावना इंडोनेशिया में जकार्ता, बांग्लादेश में ढाका या नाइजीरिया में लागोस के अक्षांशों पर अमेरिका में न्यूयॉर्क, चीन में बीजिंग या रूस में मास्को की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।

लेखकों ने अगले दशक में अनियंत्रित रॉकेटों के वातावरण में पुन: प्रवेश करने के परिणामस्वरूप इससे लोगों के हताहत होने का भी अनुमान लगाया है।

यह मानते हुए कि प्रत्येक पुनः प्रवेश दस वर्ग मीटर के क्षेत्र में घातक मलबा फैलाता है, उन्होंने पाया कि अगले दशक में इससे औसतन एक या अधिक लोगों के हताहत होने की संभावना 10 प्रतिशत है।

आज तक, उपग्रहों और रॉकेटों के मलबे से पृथ्वी की सतह (या वायुमंडल में हवाई यातायात) को नुकसान पहुंचने की संभावना को नगण्य माना गया है। ऐसे अंतरिक्ष मलबे के अधिकांश अध्ययनों ने निष्क्रिय उपग्रहों द्वारा कक्षा में उत्पन्न जोखिम पर ध्यान केंद्रित किया है जो कार्यशील उपग्रहों के सुरक्षित संचालन में बाधा डाल सकता है। अप्रयुक्त ईंधन और बैटरियां भी कक्षा में विस्फोट का कारण बनती हैं जो अतिरिक्त अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं।

लेकिन जैसे-जैसे रॉकेट लॉन्च व्यवसाय में प्रविष्टियों की संख्या बढ़ती है – और सरकारी से निजी उद्यम की ओर बढ़ती है – यह अत्यधिक संभावना है कि अंतरिक्ष और पृथ्वी दोनों में दुर्घटनाओं की संख्या, जैसी कि चीनी लॉन्ग मार्च 5बी की लॉन्च के बाद हुई, में भी वृद्धि होगी। ऐसी कई प्रौद्योगिकियां हैं जो मलबे के पुन: प्रवेश को नियंत्रित करना पूरी तरह से संभव बनाती हैं, लेकिन उन्हें लागू करना महंगा है।

उदाहरण के लिए, अंतरिक्ष यान को ‘‘निष्क्रिय’’ किया जा सकता है, जिससे अप्रयुक्त ऊर्जा (जैसे ईंधन या बैटरी) को अंतरिक्ष यान का जीवनकाल समाप्त होने के बाद संग्रहीत करने के बजाय खर्च किया जा सकता है।

उपग्रह के लिए कक्षा का चुनाव भी मलबे के उत्पादन की संभावना को कम कर सकता है। एक निष्क्रिय उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाने के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है, जहां वह जल जाएगा।

पुन: उपयोग करने योग्य रॉकेट लॉन्च करने का भी प्रयास किया जा रहा है, उदाहरण के लिए, स्पेसएक्स ने प्रदर्शित किया है और ब्लू ओरिजिन विकसित हो रहा है। ये बहुत कम मलबा बनाते हैं, हालांकि पेंट और धातु की छीलन से कुछ मलबा होगा, जब वे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर लौटेंगे।

अध्ययन का तर्क है कि उन्नत प्रौद्योगिकियों और अधिक विचारशील मिशन डिजाइन करने से अंतरिक्ष यान के मलबे के अनियंत्रित पुन: प्रवेश की दर कम हो जाएगी, जिससे दुनिया भर में खतरे का जोखिम कम हो जाएगा।

पांच साल में, अंतरिक्ष में पहले उपग्रह के प्रक्षेपण को 70 साल हो जाएंगे। यह उस घटना का एक उपयुक्त उत्सव होगा यदि इसे अंतरिक्ष मलबे पर एक मजबूत और अनिवार्य अंतरराष्ट्रीय संधि द्वारा चिह्नित किया जा सकता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जाए। अंततः, इस तरह के समझौते से सभी देशों को लाभ होगा।

Leave a Comment

Recent Posts

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

24 minutes ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

59 minutes ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

21 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

24 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

1 day ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

1 day ago

This website uses cookies.