लोकसभा ने विद्युत- संशोधन विधेयक, 2022 को संसद की स्थायी समिति को भेजने की सिफारिश की है। बिजली मंत्री आर के सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच सदन में विधेयक पेश किया और उसे विचार के लिए स्थायी समिति के पास भेजने पर सहमति व्यक्त की।
बिजली- संशोधन विधेयक में अन्य वितरण लाइसेंसधारी के नेटवर्क के उपयोग की अनुमति देकर बिजली के खुदरा वितरण में प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रावधान है।
विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिजली- संशोधन विधेयक, 2022, पेश करने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार समवर्ती सूची में राज्यों को सौंपे गये अधिकारों का अतिक्रमण कर रही है। आरएसपी सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि बिजली विधेयक संघीय ढांचे के खिलाफ है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह राज्यों को काफी हद तक कमजोर करेगा।
बिजली मंत्री ने कहा कि सदस्यों द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं पर स्थायी समिति में चर्चा की जाएगी। इस पर कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और वाम दलों समेत विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और इसे स्थायी समिति को भेजने के मुद्दे पर मत विभाजन की मांग की। अध्यक्ष ओम बिरला ने नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की सिफारिश की।
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