राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नार्कोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) और राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) ने उत्कृष्ट व्यवहारों, विशेषज्ञ संकाय, प्रशिक्षण सामग्री और नवाचारी प्रौद्योगिकियों जैसे संसाधनों को साझा करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन पर एनएडीटी के प्रधान महानिदेशक (प्रशिक्षण) जयंत दिद्दी और एनएसीआईएन के महानिदेशक डॉ. के. एन. राघवन द्वारा हस्ताक्षर किए गए। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य प्रशासन रवि अग्रवाल, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के सदस्य (प्रशासन और सतर्कता) आलोक शुक्ला, अप्रत्यक्ष कर एवं नार्कोटिक्स अकादमी के एडीजी रमेश चंदर और दोनों अकादमियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
एनएसीआईएन और एनएडीटी पारस्परिक रूप से उत्कृष्ट व्यवहारों, विशेषज्ञ संकाय, प्रशिक्षण सामग्री और नवीन प्रौद्योगिकियों जैसे संसाधनों को साझा करने में सहयोग के महत्व को पहचानते हैं। यह सहयोग कराधान, कानून और कानूनी प्रणाली, वाणिज्यिक और प्रक्रियात्मक कानून, आर्थिक और प्रशासनिक कानून, डेटा विश्लेषण, डार्क वेब एक्सप्लोरेशन जैसी अत्याधुनिक जांच तकनीकों में संसाधनों और शिक्षा विज्ञान को साझा करने सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रों पर केंद्रित है। इसके अलावा, जोखिम प्रबंधन तथा नैतिकता भी इस समझौता ज्ञापन के दायरे में आते हैं।
समझौता ज्ञापन दोनों केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को सीबीआईसी और सीबीडीटी के अधिकारियों के पारस्परिक लाभ के लिए संसाधनों और उत्कृष्ट व्यवहारों को साझा करने में सहयोग स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगा तथा अधिकारी प्रशिक्षुओं के ढांचागत सम्बद्धता सहित दोनों सेवाओं के अधिकारियों के लिए पारस्परिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रावधान करेगा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जुलाई 2020 में डेटा साझा करने पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। व्यापार की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, ज्ञान को साझा करने और क्षमता-निर्माण की आवश्यकता है। वर्तमान समझौता ज्ञापन अधिकारियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर आधारित होगा और बेहतर राजस्व प्रशासन के लिए तालमेल पर ध्यान केंद्रित करेगा।
एनएसीआईएन के बारे में
एनएसीआईएन भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) के अधिकारी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने के लिए स्थापित शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है तथा केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तहत सभी अधिकारियों और संवर्गों के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। पलासमुद्रम में बन रहे एनएसीआईएन के नए परिसर के शीघ्र ही चालू होने की उम्मीद है। एनएसीआईएन भागीदार देशों के साथ प्रशिक्षण और अन्य क्षमता निर्माण संसाधनों के आदान-प्रदान के माध्यम से सीमा शुल्क, ड्रग कानून प्रवर्तन और अन्य अप्रत्यक्ष कर से संबंधित मुद्दों के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में भी पर्याप्त योगदान दे रहा है।
एनएडीटी के बारे में
एनएडीटी नागपुर भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के अधिकारी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने के लिए स्थापित शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मध्यम से वरिष्ठ प्रबंधन स्तर के अधिकारियों के लिए कई सेवाकालीन पाठ्यक्रम चलाता है।
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