राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और तेज गति से विकास लाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना की है। वह आज असम के तामूलपुर जिले में बोडो साहित्य सभा सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रपति ने बोडो भाषा के विकास और प्रचार के लिए बोडो साहित्य सभा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि भाषा की रक्षा तथा संरक्षण करना समाज का कर्तव्य है।
बोडो साहित्य सभा के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में किसी भी भाषा के साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले राम नाथ कोविंद देश के पहले राष्ट्रपति हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड सांगमा ने इस अवसर पर कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न समुदायों की जनजातीय भाषाओं से देश मजबूत होगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाषा हमारी विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि सरकार बोड़ो बहुल जिलों में बोडो साहित्य सभा के भवन के निर्माण के लिए पचास लाख रुपए का अनुदान देगी। इस अवसर पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और बांग्लादेश तथा नेपाल के सांसद भी मौजूद थे। इस सम्मेलन में बांग्लादेश, नेपाल, त्रिपुरा, नगालैंड और पश्चिम बंगाल से आए बोडो भाषी लोगों ने भाग लिया।
नई दिल्ली, जून 2026। भारत ने विश्व के सबसे बड़े जनगणना अभियान की दिशा में… Read More
ग्रे मार्केट क्या है और यह कैसे काम करता है? वित्तीय और कारोबारी दुनिया में… Read More
रवि किशन को लेकर फिर बढ़ी चर्चा, फैंस की नजर हर अपडेट पर भोजपुरी सिनेमा… Read More
पटना में खान सर और संजय कुमार झा को लेकर चर्चाओं का दौर तेज बिहार… Read More
दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं राष्ट्रीय… Read More
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment