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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री संग्रहालय का अवलोकन किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज प्रधानमंत्री संग्रहालय का अवलोकन किया। राष्ट्रपति ने वहां मौजूद प्रदर्शनों का गहरी दिलचस्पी के साथ अवलोकन किया। करीब डेढ़ घंटे के अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने पुरानी इमारत में संविधान दीर्घा को भी देखा।

इस दीर्घा को 16 जनवरी 2024 से नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। राष्ट्रपति महोदया ने इसके विभिन्न खंडों जैसे सुशासन, पर्यावरण, विकास, अंतरराष्ट्रीय सद्भाव, विज्ञानोदय, सांस्कृतिक धरोहर, जनभागीदारी और सुरक्षा को देखने में कुछ समय व्यतीत किया। वह विशेष रूप से इमर्सिव और इंटरैक्टिव डिस्प्ले से प्रभावित थीं। उन्होंने अनुभूति क्षेत्र का भी दौरा किया। राष्ट्रपति ने संग्रहालय के लिए अपनी सराहना व्यक्त करते हुए आगंतुक पुस्तिका में लिखा, ‘मुझे विश्वास है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक जो यहां आएगा और संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं को देखेगा, उसे गर्व महसूस होगा।’

राष्ट्रपति महोदया ने वहां आधुनिक भारत के मंदिरों और आजादी के तुरंत बाद बनाए गए संस्थानों की प्रदर्शनियां भी देखीं। उन्होंने तोशखाना को दिलचस्पी से देखा, जहां देश-विदेश के प्रधानमंत्रियों को मिले उपहार प्रदर्शित हैं। राष्ट्रपति ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निजी खंड का भी दौरा किया जहां उनका शयनकक्ष और अध्ययन कक्ष स्थित है।

संग्रहालय की नई इमारत में राष्ट्रपति ने विभिन्न प्रधानमंत्रियों की दीर्घाओं में जाने से पहले फ्रीडम एंड यूनिटी दीर्घा का अवलोकन किया, जिसमें महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर फिल्में दिखाई जाती हैं। राष्ट्रपति ने बैडमिंटन रैकेट और चरखे तथा लाल बहादुर शास्त्री की पासबुक को दिलचस्पी से देखा। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के पत्रों और उनकी जेल डायरी को भी बड़ी दिलचस्पी से देखा। उन्होंने पोखरण 2 परमाणु परीक्षणों का मनोरंजन, स्वर्णिम चतुर्भुज का प्रदर्शन और कारगिल युद्ध फिल्म देखी। राष्ट्रपति ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर प्रदर्शन को भी गहरी दिलचस्पी के साथ देखा।

प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) कार्यकारी परिषद के सदस्य, जिनमें अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और उपाध्यक्ष डॉ. ए. सूर्य प्रकाश, डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, डॉ. स्वपन दासगुप्ता, संजीव नंदन सहाय, निदेशक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल), रंजना चोपड़ा, मुग्धा सिन्हा राष्ट्रपति के साथ उपस्थित थीं।

14 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया संग्रहालय बच्चों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ शोधकर्ताओं और घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन गया है। संग्रहालय में प्रतिदिन औसतन 2000 आगंतुक आते हैं। प्रत्येक आगंतुक संसदीय लोकतंत्र में भारत की यात्रा के साथ-साथ इसकी विकासात्मक सफलता का अनूठा संदेश भी लेकर जाता है। उद्घाटन के बाद से संग्रहालय में लगभग 7.5 लाख आगंतुक आ चुके हैं।

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