महंगाई पर काबू पाने की कवायद के तहत यूरोपीय केंद्रीय बैंक ब्याज दर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व दरों में बढ़ोतरी कर चुका है। हालांकि, इस कदम से मंदी गहराने की आशंका भी जताई जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक की प्रशासनिक परिषद की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी होनी तय है और अब केवल यह देखना है कि बढ़ोतरी कितनी (आधा प्रतिशत अंक या तीन-चौथाई) होती है।
बैंक ने जुलाई में अपनी आखिरी बैठक में 11 वर्षों में पहली बार दरें बढ़ाई थीं। इस दौरान बैंक ने दर को आधा प्रतिशत बढ़ाया।
यूरोप में मुद्रास्फीति इस समय दो प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चल रही है।
कई अर्थशास्त्रियों ने इस वर्ष के अंत तक यूरो क्षेत्र के मंदी में डूबने की आशंका जताई है। मौजूदा मुद्रास्फीति ने किराने के सामान से लेकर रोजमर्रे के सामान तक सब कुछ महंगा कर दिया है, जिससे आजीविका का संकट पैदा हो रहा है।
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