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मीनाक्षी लेखी ने नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से पूर्वोत्तर के लिए भारत गौरव रेलगाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना किया

विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने आज नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव रेलगाड़ी “नॉर्थ ईस्ट डिस्कवरी: बियॉन्ड गुवाहाटी” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रेलगाड़ी को पूर्वोत्तर भारत की सीमा में आने वाले राज्यों का भ्रमण करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

इस अवसर पर मीनाक्षी लेखी ने कहा, यह रेलगाड़ी अपना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसे चैत्र नवरात्रि/गुड़ी पड़वा जैसे महत्वपूर्ण अवसर की पूर्व संध्या पर रवाना किया जा रहा है। मीनाक्षी लेखी ने इसके लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में हम सभी के लिए एक उपहार की तरह है। विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने माननीय प्रधानमंत्री को रेलवे में सुधार के लिए उनकी दूरदृष्टि व पहल के लिए धन्यवाद दिया।

असम की यात्रा पूरी करने के बाद यह बहुप्रतीक्षित शानदार पर्यटक रेलगाड़ी त्रिपुरा राज्य के फुरकेटिंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी, जहां पर यात्रियों को प्रसिद्ध उज्जयंत पैलेस सहित उनाकोटी और अगरतला के प्रसिद्ध विरासत स्थलों तथा दर्शनीय स्थलों का अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। इसके अगले दिन उदयपुर में नीरमहल पैलेस और त्रिपुरा सुंदरमंदिर की यात्रा का कार्यक्रम होगा। त्रिपुरा का भ्रमण करने के बाद रेलगाड़ी नागालैंड राज्य का दौरा करने के लिए दीमापुर पहुंचेगी। बदरपुर स्टेशन से लेकर लुमडिंग जंक्शन के बीच की सुंदर रेल यात्रा को पर्यटक सुबह के समय अपनी सीट से ही देख सकते हैं। दीमापुर स्टेशन से पर्यटकों को नागा जीवन शैली से परिचित कराने के लिए खोनोमा गांव के दौरे सहित अन्य स्थानीय स्थलों पर ले जाने हेतु बसों द्वारा कोहिमा लेकर आया जाएगा। विशेष रेलगाड़ी का अगला ठहराव गुवाहाटी होगा और पर्यटकों को सड़क मार्ग से मेघालय की राजधानी शिलांग तक पहुंचाया जाएगा, इस सफर के दौरान पर्यटकों के लिए रास्ते में खूबसूरत उमियम झील पर एक पिट स्टॉप होगा। इस यात्रा के अगले दिन की शुरुआत पूर्वी खासी हिल्स में बसे चेरापूंजी के भ्रमण से होगी। शिलॉन्ग पीक, एलिफेंट फॉल्स, नवखलिकाई फॉल्स और मावसई गुफाएं दिन के समय में घूमने वाले मुख्य दर्शनीय स्थल हैं। इस दौरे को पूरा करने के बाद यात्रियों को चेरापूंजी से वापस गुवाहाटी स्टेशन लेकर आया जाएगा ताकि वे दिल्ली की वापसी हेतु की रेल द्वारा सफर करने के लिए रेलगाड़ी में सवार हो सकें। इस पूरी यात्रा के दौरान पर्यटक रेलगाड़ी के मध्यम से करीब 5800 किलोमीटर का सफर तय करेंगे।

इस आधुनिक एवं वातानुकूलित शानदार पर्यटक रेलगाड़ी में भोजन करने के लिए दो बढ़िया रेस्तरां, एक बेहतरीन रसोईघर, कोचों के अंदर शॉवर क्यूबिकल्स, सेंसर आधारित वॉशरूम फ़ंक्शंस, फ़ुट मसाजर और एक मिनी लाइब्रेरी सहित कई एक से बढ़कर एक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पूरी तरह से वातानुकूलित रेलगाड़ी में आरामदायक यात्रा के लिए दो प्रकार के सीटिंग अरेंजमेंट हैं, जिनके अनुसार एसी प्रथम और एसी द्वितीय श्रेणी वाली सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इस रेलगाड़ी में सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक तिजोरियां और प्रत्येक कोच के लिए विशेष तौर पर नियुक्त सुरक्षा गार्ड जैसी सुरक्षा सुविधाओं को इस्तेमाल किया गया है।

भारत सरकार की पहल “एक भारत श्रेष्ठ भारत” और “देखो अपना देश” के अनुरूप भारत गौरव विशिष्ट पर्यटक रेलगाड़ी का शुभारंभ घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। भ्रमण के लिए वातानुकूलित 2 टियर में प्रति व्यक्ति 1,06,990/- रुपये, वातानुकूलित 1 (केबिन) के लिए 1,31,990/- रुपये प्रति व्यक्ति और वातानुकूलित 1 (कूपा) के लिए प्रति व्यक्ति 1,49,290/- रुपये से शुरू होने किराये पर आईआरसीटीसी पर्यटक रेलगाड़ी का 15 दिनों का संपूर्ण समावेशी टूर पैकेज होगा। टिकट के इस मूल्य में संबंधित श्रेणी में रेल यात्रा, एसी होटलों में रात का ठहराव, भोजन (केवल शाकाहारी), बसों में सभी स्थानांतरण और दर्शनीय स्थल भ्रमण, यात्रा बीमा तथा गाइड आदि की सेवाएं शामिल होंगी। भ्रमण के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य एहतियाती उपायों का ध्यान रखा जाएगा और आईआरसीटीसी अपने अतिथियों को एक सुरक्षित एवं यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा।

14 रात और 15 दिन तक सफर करने वाली इस पर्यटक रेलगाड़ी का पहला पड़ाव गुवाहाटी है, जहां पर पर्यटक कामाख्या मंदिर और फिर उमानंद मंदिर का भ्रमण करेंगे उसके बाद पर्यटक एक क्रूज पर सवार होकर ब्रह्मपुत्र में सूर्यास्त देखने जाएंगे। यह ट्रेन नाहरलागुन रेलवे स्टेशन के लिए रात भर की यात्रा पर रवाना हो जाएगी, जो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में अगले गंतव्य से 30 किलोमीटर दूर है। यात्रा के तहत कवर किया जाने वाला अगला शहर शिवसागर है। यह असम के पूर्वी हिस्से में अहोम साम्राज्य की पुरानी राजधानी रहा है। शिवसागर, शिवडोल में प्रसिद्ध शिव मंदिर और अन्य विरासत स्थलों के अलावा इस यात्रा कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा है। इसके बाद यात्रा के अगले चरण में पर्यटकों को जोरहाट में चाय के बागान दिखाए जाएंगे और फिर काजीरंगा में रात भर विश्राम करने के बाद उन्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सुबह की जंगल सफारी का अनुभव दिलाने ले जाया जाएगा।

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