संयुक्त राष्ट्र के 27वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में विशेष क्षतिपूर्ति कोष बनाने पर सहमति हो गई है। इस कोष से विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान की भरपाई करने में सहायता मिलेगी। सीओपी-27 ने एक ट्वीट संदेश में इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि आज मिस्र के शर्म-अल-शेख में इतिहास रचा गया और विशेष क्षति पूर्ति कोष बनाया गया। लंबे समय से इस कोष को बनाने की मांग की जा रही थी।
कई दिनों तक चले विचार-विमर्श के बाद इस कोष को बनाने के लिए सीओपी-27 के प्रतिनिधियों की सराहना हुई है। वार्ताकारों और गैर-सरकारी संगठनों का कहना है कि इस कोष का गठन महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज-सीओपी 27 वें सत्र का आज मिस्र के शर्म अल-शेख में समापन हो गया। इस सम्मेलन का आयोजन सामूहिक जलवायु लक्ष्यों और भविष्य की महत्वाकांक्षा का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से किया गया।
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने समापन सत्र में इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस दौरान क्षति फंडिंग व्यवस्था के लिए समझौता किया गया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, जीवन शैली, खपत और उत्पादन की टिकाऊ व्यवस्था की दिशा में किये गये प्रयासों का स्वागत किया।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकासशील देशों को अपनी पसंद के ऊर्जा मिश्रण और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में स्वतंत्रता होनी चाहिए।
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