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माईगोव ने भारतीय स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमियों के लिए प्लैनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज शुरू किया

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था माईगोव इंडिया ने पिछले सप्ताह भारतीय स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमियों के लिए प्लैनेटेरियम इनोवेशन चैलेंज शुरू किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और मर्ज्ड रियलिटी (एमआर) सहित नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके एक स्वदेशीप्लैनेटेरियम सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने की क्षमता रखने वाले प्रौद्योगिकी कंपनियों और स्टार्ट-अप (भारत से बाहर स्थित) को एक साथ लाना है।

चंद्रयान प्रक्षेपण से प्रेरित होकर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने माईगोव के सहयोग से इसरो क्विज प्रतियोगिता 2019 का आयोजन किया, जहां कई स्कूलों, अभिभावकों और उत्साही परामर्शदाताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इसे यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ देश भर के क्विज विजेताओं ने इसरो कंट्रोल रूम से चंद्रयान 2 की चंद्रमा पर लैंडिंग को लाइव देखा था। प्रधानमंत्री ने इसरो के वैज्ञानिकों सेकहा था,’हम सफल होंगे, भारत को कोई नहीं रोक सकता’और इससे पूरे देश में अंतरिक्ष के प्रति उत्साह रखने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिला।

इसरो क्विज का दोहराव करते हुए, 11 सितंबर 2021 को माईगोव इंडिया द्वारा प्लैनेटेरियम इवोनेशन चैलेंज शुरू किया गया। इसके लिए 10 अक्टूबर, 2021 तक पंजीकरण कराया जा सकता है।

प्रतियोगिता के तहत हमारे प्लैनेटेरियम (तारामंडलों) के लिए अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने की खातिर स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। भारत में प्लैनेटेरियम के लिए, विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की खातिर, नई तकनीकों (ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और मर्ज्ड रियलिटी) का इस्तेमाल करने का अवसर है। ये तकनीकें मेड इन इंडिया यानी स्वदेशी होंगी।

इनोवेशन चैलेंज के लिए प्लैनेटेरियम टेक्नोलॉजी (तकनीक) से जुड़े सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञ https://innovateindia.mygov.in/ पर आवेदन दे सकते हैं। आवेदकों में स्टार्ट-अप, भारतीय कानूनी इकाइयां शामिल हो सकती हैं; यहां तक ​​कि व्यक्ति (या टीमें) भी विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।

आवेदनों का समस्या-समाधान की दिशा में दृष्टिकोण, उत्पाद विचार, नवाचार की डिग्री, दृष्टिकोण की नवीनता सहित विभिन्न मापदंडों पर मूल्यांकन किया जाएगा। एक ग्रैंड जूरी नवाचार, प्रतिकृति, मापनीयता, उपयोगिता, और इस्तेमाल में आसानी/रोल-आउट तथा समाधान के कार्यान्वयन में शामिल संभावित जोखिमों सहित मापदंडों के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेगी।

प्रतियोगिता के तहत प्रथम विजेता, द्वितीय विजेता और तृतीय विजेता को क्रमश: पांच लाख रुपये, तीन लाख रुपये और दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा विजेताओं और प्रतिभागियों को क्षेत्र में काम करने वाले लोगों से मिलने और पारिस्थितिकी तंत्र में हो रही नवीनतम प्रगति को जानने का अवसर मिलेगा। एक हाई व्यूअरशिप प्लेटफॉर्म उन्हें पूरे भारतीय उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों के संगठनों के शीर्ष लोगों के सामने अपने नवाचार को प्रदर्शित करने/बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा।

प्लैनेटेरियम चैलेंज आत्मनिर्भर भारत की व्यापक छत्रछाया के तहत देश के प्रगतिशील डिजिटल परिवर्तन के उद्देश्य के साथ पूरी तरह से मेल खाता है।

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