महाराष्ट्र सरकार ने नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण रद्द कर दिया है। इस बारे में कल एक सरकारी प्रस्ताव जारी किया गया। पांच प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने संबंधी पूर्व अध्यादेश समाप्त हो गया है और न्यायालय ने इस निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी है।
पिछली कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत और मुसलमानों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी अध्यादेश जारी किया था। नए सरकारी प्रस्ताव के अनुसार विशेष पिछड़ा वर्ग-ए में शामिल सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समूहों के लिए सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों में पांच प्रतिशत आरक्षण से संबंधित सभी पिछले निर्णय और अध्यादेश रद्द कर दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि 2014 में जारी पिछले निर्णयों और परिपत्रों को वापस लेते हुए विशेष पिछड़ा वर्ग के तहत मुसलमानों को जाति और गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र जारी करना बंद कर दिया गया है।
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