भारत के 2025-26 तक 300 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात के लक्ष्य के हासिल होने पर जोर देते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आज तिरुपति, आंध्र प्रदेश में कहा कि सरकार इस आंकड़े को हासिल करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स और निवेश के इच्छुक उद्यमियों को समर्थन देने के लिए सभी राज्यों के साथ भागीदारी में काम करने को प्रतिबद्ध है।
राजीव चंद्रशेखर तिरुपति में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थित मुनोथ इंडस्ट्रीज के भारत के पहले लिथियम सेल विनिर्माण संयंत्र के भ्रमण के दौरान संबोधन कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “श्री वेंकटेश्वर के निवास- तिरुपति की इस महान भूमि पर होना एक सम्मान और सौभाग्य की बात है। वह भी हमारे प्रधानमंत्री के जन्मदिन से एक दिन पहले ऐसा हुआ है। मेरे लिए, तिरुपति ईएमसी और भारत के पहले लिथियम सेल निर्माण संयंत्र में होना व्यक्तिगत रूप से खुशी की बात है।”
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2025-26 तक 300 अरब डॉलर मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और निर्यात के लक्ष्य को पार करना है। यह 25 लाख करोड़ रुपये के बराबर है, जो 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता संभालने के समय की तुलना में 24 गुना ज्यादा है। उस समय यह आंकड़ा 1.10 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था।”
उन्होंने कहा, सरकार की सक्रिय नीतियों और व्यवस्थित कार्यक्रमों से हर स्टार्टअप, हर उद्यमी का सपना साकार करने में सहयोग दिया जाएगा।
लिथियम-आयन फैक्ट्री का व्यावसायिक उत्पादन और औपचारिक उद्घाटन अगले महीने के लिए निर्धारित है। वर्तमान में संयंत्र की स्थापित क्षमता 270 मेगावॉट है और यह प्रतिदिन 10 एएच क्षमता के 20,000 सेल का उत्पादन कर सकती है।
राजीव चंद्रशेखर ने भारत को इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम बनने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर की प्रशंसा की। उन्होंने बताया, “इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स तेजी से इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण, नवाचार और नौकरियों के केंद्र बन रहे हैं। वे भविष्य में एक बड़ी भूमिका निभाएंगे और नवाचार एवं इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण दोनों में भारत के टेकेड को आकार देंगे। ये हमारे युवाओं के दिलचस्पी वाले अहम क्षेत्र हैं।”
चेन्नई स्थित मुनोथ इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 165 करोड़ रुपये के परिव्यय से इस अत्याधुनिक संयंत्र की स्थापना की है। यह संयंत्र 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंदिर शहर में स्थापित दो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स में से एक में स्थित है।
चंद्रशेखर ने संयंत्र परिसर में एक पौधा भी लगाया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने दो ईएमसी में स्थित डिक्सॉन टेक्नोलॉजिस और यूनाइटेड टेलीलिंक्स के संयंत्रों का भी भ्रमण किया।
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