रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली में भारतीय रेल, संचार मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में “स्वच्छता पखवाड़े” की शुरूआत की। उद्घाटन समारोह के दौरान रेलवे, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस अवसर पर, अश्विनी वैष्णव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, स्वच्छता मिशन और जीवन का हिस्सा बन गया है। विशेष ध्यान दिए जाने वाले क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण हैं। माननीय प्रधानमंत्री ने राजनीति को समाज की सेवा के माध्यम के रूप में बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि तीव्र स्वच्छता अभियान के अलावा, स्वच्छता पखवाड़े के दौरान, रेलवे, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का ध्यान टीबी रोगियों और मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव सेवा पर होगा। ।
पखवाड़े के उद्घाटन दिवस के दौरान, अश्विनी वैष्णव ने मुख्यालय, मंडल कार्यालयों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों में रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ दिलाई।
स्वच्छता पखवाड़े के शुभारंभ के अलावा, उन्होंने पर्यावरण निरन्तरता पर वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की। यह एक व्यापक रेफरल दस्तावेज है जो भारतीय रेलवे द्वारा हरित पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों को उजागर करता है। यह रिपोर्ट शुद्ध शून्य उत्सर्जन जैसे ऊर्जा संरक्षण उपायों, वैकल्पिक ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, जल संरक्षण, वनीकरण, स्टेशनों और प्रतिष्ठानों का हरित प्रमाणीकरण, जैव शौचालयों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि की दिशा में रेलवे के प्रयासों को सामने लाती है।
रेल मंत्रालय 16 सितंबर 2022 से 30 सितंबर 2022 तक स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है। रेल मंत्रालय ने इसे स्वत: 02 अक्टूबर 2022 तक बढ़ा दिया है। इसका समापन महात्मा गांधी की जयंती के साथ होगा।
इस वर्ष स्टेशनों पर पटरियों की सफाई, प्रमुख स्टेशनों तक पहुंच और रेलवे परिसर में प्लास्टिक कचरे के उन्मूलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पखवाड़े के दौरान स्टेशनों, ट्रेनों, पटरियों, कॉलोनियों और अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों की तेजी से सफाई की जा रही है और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रेलवे बड़ी संख्या में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का एक पर्यावरण अनुकूल साधन है और स्वच्छ और हरित पर्यावरण में यह अग्रणी रहा है। इसने रेलवे स्टेशनों और उसके आसपास और ट्रेनों के कोचों में बायो टॉयलेट लगाकर स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के लिए अनेक पहल की है जिससे साफ पटरियों, बायो-डिग्रेडेबल/नॉन बायो-डिग्रेडेबल कचरे को अलग करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि में मदद मिली है।
लोगों को बायो-टॉयलेट के उपयोग, सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने और स्वच्छता की आदतों का पालन करने के बारे में शिक्षित करने के लिए पीए सिस्टम के माध्यम से डिजिटल मीडिया/सार्वजनिक घोषणा के जरिये व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की योजना तैयार की गई है।
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