भारत ने 2027 में नई दिल्ली में केमिस्ट्री ऑफ सीमेंट पर प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस (आईसीसीसी) की मेजबानी की बोली प्राप्त की। भारत के अग्रणी अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थान, नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स (एनसीसीबीएम) ने आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर थाईलैंड के बैंकॉक में चल रहे 16वें आईसीसीसी के दौरान सम्मेलन की संचालन समिति के सदस्यों के समक्ष भारत की बोली को सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। भारत के अलावा, अन्य बोलीदाताओं में स्विट्जरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल थे। इस निर्णय की घोषणा 20 सितंबर 2023 को बैंकॉक , थाईलैंड में 16वें आईसीसीसी के दौरान की गई थी। एनसीसीबीएम के महानिदेशक डॉ.एलपी सिंह, एनसीसीबीएम के संयुक्त निदेशक डॉ. एसके चतुर्वेदी और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर (सिविल इंजीनियरिंग) डॉ. शशांक बिश्नोई द्वारा भारतीय बोली प्रस्तुत की गई।
केमिस्ट्री ऑफ सीमेंट पर अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी तरह का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित आयोजन है जो सीमेंट और कंक्रीट के क्षेत्र में अनुसंधान की प्रगति की समीक्षा करता है। 1918 से कांग्रेस आमतौर पर चार से छह साल के अंतराल पर आयोजित की जाती है, जो अकादमिक जगत और सीमेंट उद्योग के बीच एक मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंध प्रदान करती है। 9वीं कांग्रेस का आयोजन 1992 में एनसीसीबीएम द्वारा नई दिल्ली में किया गया था और वर्तमान 16वीं आईसीसीसी का आयोजन 18-22 सितंबर 2023 तक थाईलैंड के बैंकॉक में किया जा रहा है।
भारत में इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी हमें दुनिया भर के सीमेंट क्षेत्र के अग्रणी नेताओं, विशेषज्ञों और अन्वेषकों को एक साथ लाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह आयोजन न केवल हमारे अनुसंधान और शैक्षणिक संगठन की क्षमताओं का एक प्रमाण है, बल्कि हमारे जीवन्त शहर नई दिल्ली को वैश्विक सीमेंट और कंक्रीट उद्योग के समक्ष प्रदर्शित करने का एक अवसर भी है। एक मेजबान शहर के रूप में नई दिल्ली, भारत मंडपम और यशोभूमि जैसी विश्व स्तरीय सम्मेलन सुविधाओं, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और असाधारण आतिथ्य के साथ 2027 में 17वें आईसीसीसी के सभी उपस्थित लोगों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार होगी।
डीपीआईआईटी, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स (एनसीसीबीएम) एक शीर्ष अनुसंधान और विकास संगठन है। एनसीसीबीएम सीमेंट, संबद्ध निर्माण-सामग्री और निर्माण उद्योगों के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास एवं हस्तांतरण, शिक्षा और औद्योगिक सेवाओं के लिए समर्पित है। एनसीसीबीएम के पास समान परिमाण के द्विवार्षिक एनसीबी अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार/सम्मेलन कार्यान्वित करने का बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड है, जो दुनिया भर के सभी प्रतिभागियों को सहज और स्मरणीय अनुभव प्रदान करने वाला कार्यक्रम सुनिश्चित करता है।
भारत आज पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले पांच वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है और भारत में 600 मिलियन टन की स्थापित सीमेंट क्षमता के साथ दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उद्योग है। भारत में सीमेंट उद्योग विभिन्न औद्योगिक अपशिष्टों का उपयोग करके देश में चक्रीय अर्थव्यवस्था ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और दुनिया में सबसे अधिक ऊर्जा कुशल व सबसे कम सीओ2 उत्सर्जन वाले क्षेत्रों में से एक है। भारत के भीतर तेजी से बढ़ता बुनियादी ढांचा विकास, संसाधन और विशेषज्ञता इसे विचारशील नेताओं, शिक्षाविदों, सीमेंट एवं कंक्रीट पेशेवरों और उत्साही लोगों को विचारों का आदान-प्रदान करने तथा प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ लाने के लिए एक आदर्श माहौल प्रदान करता है। डीकार्बोनाइजेशन, सतत विकास, परिचालन में चक्रीय अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, कम कार्बन उत्सर्जन वाला सीमेंट आदि जैसे स्थानीय और वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए भारतीय सीमेंट उद्योग का अनुभव और रूपरेखा की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बड़े स्तर पर वैश्विक समाज के लाभ के लिए वैश्विक नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के सामने विचार-विमर्श और प्रदर्शन का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करता है।
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