भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाली ब्लैक सी ग्रेन पहल के स्थगन को लेकर चिंता जताई है। भारत ने कहा है कि इस कदम से दुनिया, विशेष रूप से दक्षिण के सामने खाद्य सुरक्षा, ईंधन और उर्वरक आपूर्ति की चुनौतियां बढ़ने की संभावना है। यूक्रेन पर परिषद की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग डिबेट में, संगठन में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर मधु सूदन ने कहा कि काला सागर अनाज सौदे ने यूक्रेन में शांति के लिए आशा की किरण प्रदान की थी और गेहूं तथा अन्य वस्तुओं की कीमतों को कम करने में योगदान करने में मदद की थी। भारतीय राजनयिक ने कहा कि इस पहल के परिणामस्वरूप यूक्रेन से 90 लाख टन से अधिक अनाज और अन्य खाद्य उत्पादों का निर्यात हुआ है। उनका मानना है कि निर्यात ने गेहूं और अन्य वस्तुओं की कीमतों को कम करने में योगदान दिया है, जो खाद्य कृषि संगठन के खाद्य मूल्य सूचकांक में गिरावट से स्पष्ट है।
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