भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, सामर्थ्य और लचीलापन सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। यह बात केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एमडीआई गुड़गांव और मुर्शिदाबाद के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि संस्थान में छात्रों, शिक्षकों और कार्य की उच्च गुणवत्ता को देखते हुए एमडीआई को निजी क्षेत्र और सरकार के साथ जुड़ना चाहिए ताकि हम सभी इस संस्थान की उपलब्धियों से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि एमडीआई के छात्र भविष्य के उद्यमी, नवप्रवर्तक, चेंजमेकर्स और भारत का नेतृत्व करने वाले हैं। जैसे-जैसे देश आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है ये सभी छात्र देश के इस अमृत काल में अपना योगदान देने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि एमडीआई में 65 प्रतिशत से अधिक छात्राएं शामिल हैं। हमारी बेटियों को अवसर देने के मामले में इस संगठन के लिए यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारी इन छात्राओं के अवसर देने से वह भी भारत की विकास गाथा में भागीदार बनेंगी। उन्होंने कहा कि देश में समृद्धि और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए कर्तव्य की भावना के साथ काम करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है जिससे समाज का कोई भी वर्ग वंचित न रहे।
उन्होंने कही की देश आज 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन की दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए चुनौतियों की गहरी समझ की जरूरत है और एमडीआई से शिक्षा इसमें अपने छात्रों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पीयूष गोयल ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं की ये छात्र आगे चल कर वैल्यू क्रिएटर, नवोन्मेषक और उद्यमियों की भूमिका में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी एक स्टार्टअप की तरह सोच रखती है जो विकास को अंतिम छोर तक ले जाने के लिए विचारों के साथ लगातार प्रयोग कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा भारत के युवाओं की शक्ति की बात करते हैं। उन्होंने कहा, “भारत के युवा हमारे देश के विकास का इंजन हैं और भारत दुनिया के विकास का इंजन है।” आज पुरी दुनिया भारत की ओर देख रही है और इस देश को कुशलता से आगे बढ़ाना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जब भी दुनिया में कहीं भी कोई संकट होता है, भारत समाधान खोजने में मदद करने के सामूहिक प्रयास में सबसे आगे होता है। पीयूष गोयल ने कहा कि चाहे वह टीके उपलब्ध कराना हो या संकट के समय में पड़ोसी देशों की मादद करना हो, भारत हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। भारत को एक अच्छे दोस्त के रूप में गिना जाता है और दुनिया हम पर भरोसा करती है। भारत को आज विश्व की फार्मेसी कहा जाता है। महामारी के दौरान देश ने अपने नागरिकों के लिए पर्याप्त घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए टीकों और दवाओं का निर्यात किया गया था। उन्होंने वीयूसीए सॉल्यूशंस के बारे में बात की, जो हमारे काम में ‘दूरदर्शिता, समझ, स्पष्टता और क्षमतएं’ दर्शात है। यह हमें आने वाले कल की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। उन्होंने इस विश्वास के साथ अपना संबोधन समाप्त किया कि एमडीआई के छात्र आने वाले समय में हमारे किसानों, कारीगरों और अन्य विविध क्षेत्रों के लिए नवाचार और समाधान लेकर आएंगे और भारत की विकास गाथा में अपना योगदान देंगे।
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