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भारत अक्टूबर में प्रथम ‘ग्लोबल इंडिया एआई 2023’ सम्मेलन की मेजबानी करेगा

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस वर्ष अक्टूबर में ग्लोबल इंडियाएआई 2023 का आयोजन करेगा। इसमें भारत और विश्व के प्रमुख एआई प्रतिभागियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और निवेशकों की भागीदारी होगी।

सम्मेलन में अगली पीढ़ी लर्निंग और मूलभूत एआई मॉडल, स्वास्थ्य देखभाल, शासन और अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों में एआई के एप्लिकेशन, भविष्य के एआई अनुसंधान रुझान, एआई कंप्यूटिंग सिस्टम, निवेश के अवसर और एआई प्रतिभा का पोषण सहित विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करने के लिए तैयार है।

केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर सम्मेलन की संचालन समिति के अध्यक्ष हैं, जिसे ग्लोबल इंडियाएआई 2023 की रूपरेखा तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल अर्थव्यवस्था सलाहकार समूह और एआई के क्षेत्र में अन्य प्रमुख नेता हैं।

राजीव चन्द्रशेखर ने सम्मेलन के बारे में बल देकर कहा कि सरकार का विजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और कई क्षेत्रों में इसके प्रभाव पर विचार-विमर्श करने के लिए विश्व के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली मस्तिष्कों को एक छत के नीचे इकत्रित करना है।

ग्लोबल इंडियाएआई 2023 सम्मेलन 14-15 अक्टूबर को आयोजित करने की योजना है और यह भारत और विश्व भर के एआई में सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली लोगों को एक साथ लाएगा। इस शिखर सम्मेलन के विकसित होने और वैश्विक एआई उद्योग, स्टार्टअप, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के वार्षिक कैलेंडर पर एक आवश्यक कार्यक्रम बनने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन के पिछले दो संस्करणों की भारी सफलता ने भारत को वैश्विक सेमीकॉन मानचित्र पर मजबूती से रखा है। इसने भारत को इस क्षेत्र के भीतर निवेश और विकास के लिए उत्प्रेरक बनने में सक्षम बनाया। ग्लोबल इंडियाएआई शिखर सम्मेलन भारत के एआई परिदृश्य और नवाचार इकोसिस्टम को भी उत्प्रेरित करेगा।

सम्मेलन वाइब्रेंट इंडियाएआई इकोसिस्टम के लिए एक प्रदर्शन के रूप में भी काम करेगा, जिसमें डीआई भाशिनी, इंडिया डेटासेट प्रोग्राम, स्टार्टअप के लिए इंडियाएआई फ्यूचर डिजाइन प्रोग्राम और विश्व स्तरीय एआई प्रतिभा को पोषित करने के लिए समर्पित इंडियाएआई फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम जैसी प्रमुख पहल शामिल हैं।

राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इंडिया एआई के पीछे व्यापक जमीनी कार्य पर प्रकाश डालते हुए उन कार्य समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर संकेत किया, जिन्होंने उद्योग, स्टार्टअप और अकादमिक भागीदारों के साथ मिलकर सहयोग किया। इन समूहों ने इंडियाएआई पहल के लिए एक समग्र ढांचा प्रस्तुत किया है, जो गवर्नेंस में एआई, एआई कंप्यूटिंग और सिस्टम, एआई के लिए डेटा, एआई आईपी और इनोवेशन और एआई में कौशल स्तंभों के इर्द-गिर्द घूमता है। ये स्तंभ आगामी सम्मेलन के एजेंडे का एक अभिन्न हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि एआई के लिए जो बात भारत को इतना आकर्षक बनाती है, वह इसकी विविधता है। हमारी विविधता किसी भी बड़े भाषा मॉडल या किसी भी एआई सीखने के मॉडल के लिए डेटा सेट की गुणवत्ता के लिए एक अतिरिक्त वृद्धि होगी। हम चाहते हैं कि एआई उत्तरदायी होना चाहिए ताकि उपयोगकर्ता को होने वाले नुकसान पर अंकुश लगाया जा सके और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके। हमारा प्राथमिक उद्देश्य एक सहयोगी और भागीदारी दृष्टिकोण सुनिश्चित करना है, जो वैश्विक साझेदारी का निर्माण करते हुए और सक्रिय रूप से दुनिया के प्रौद्योगिकी परिदृश्य को आकार देते हुए शासन को बढ़ाने और जीवन को बदलने के लिए एआई को संचालित करे।

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