Categories: News-Headlines

भारतीय रिज़र्व बैंक ने AIF द्वारा प्रस्तावित किसी भी योजना में निवेश करने से परहेज का दिया निर्देश

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों, आवास वित्त कंपनियाँ और वित्तीय संस्थानों सहित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को वैकल्पिक निवेश कोष- एआईएफ द्वारा प्रस्तावित किसी भी योजना में निवेश करने से परहेज करने का निर्देश दिया है जिसमें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से बैंक की देनदार कंपनी में निवेश होता है।

रिजर्व बैंक ने मुंबई से जारी एक अधिसूचना में कहा कि कर्जदार कंपनी का मतलब ऐसी कंपनी से है जिसने पिछले बारह महीनों के दौरान कभी भी बैंक से कर्ज लिया हो। आरबीआई ने बैंकों को तीस दिनों के भीतर ऐसे एआईएफ से अपना निवेश समाप्त करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि यदि बैंक निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर अपने निवेश को समाप्त करने में असमर्थ है तो उसे ऐसे निवेश पर 100 प्रतिशत प्रावधान करना होगा।

रिज़र्व बैंक ने कहा कि निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। आरबीआई ने कहा कि हाल में देखा गया है कि ऐसे लेनदेन से नियामक चिंताएं बढ सकती हैं जिसके कारण ऐसे निर्देश जारी करने को मजबूर होना पड़ा है। एआईएफ का मतलब उद्यम पूंजी कोष, ऐंजल फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, निजी इक्विटी फंड और हेज फंड समेत अन्य फंड हैं।

Leave a Comment

Recent Posts

कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।

शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More

12 hours ago

RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।

RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More

12 hours ago

This website uses cookies.