ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन की तैयारियों में लगे अधिकारियों की पहली बैठक कल नई दिल्‍ली में हुई

ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन की तैयारियों में लगे अधिकारियों की पहली बैठक कल नई दिल्‍ली में हुई

ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन की तैयारियों में लगे अधिकारियों की पहली बैठक कल नई दिल्‍ली में हुई। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्‍स संगठन के मूल सदस्‍य हैं। भारत इस वर्ष चौथी बार इस संगठन की अध्‍यक्षता कर रहा है। आर्थिक संबंध सचिव और भारत के ब्रिक्‍स शेरपा सुधाकर डलेला ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के जनहितैषी और मानवीय दृष्टिकोण पर आधारित भारत की ब्रिक्‍स अध्‍यक्षता की प्राथमिकताओं का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने समायोजन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता बनाए रखने का संगठन का लक्ष्‍य रेखांकित किया।

भारत इससे पहले वर्ष 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्‍यक्षता कर चुका है।

इस बीच, रूस ने ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता का सक्रिय रूप से समर्थन करने की बात कही है। साथ ही नई दिल्ली के एजेंडे को आधुनिक और अत्यंत प्रासंगिक बताया है। इसमें आतंकवाद-रोधी उपायों और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ भविष्य की तैयारी करने वाले मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है। टीवी ब्रिक्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने आतंकवाद से मुकाबले पर जोर दिया।

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