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ब्रह्मपुत्र पर सात धार्मिक स्‍थलों को जोड़ने के लिए ‘नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट’ के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

असम में नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट के विकास के लिए गुवाहाटी में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्‍ल्‍यूएआई), सागरमाला विकास निगम लिमिटेड (एसडीसीएल), असम पर्यटन विकास निगम (एटीडीसी) और अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन विभाग (डीआईडब्‍ल्‍यूटी), असम सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस ऐतिहासिक हस्ताक्षर समारोह के साक्षी बने। इससे असम में नदी पर्यटन क्षेत्र में एक नए अध्याय का शुभारंभ होगा।

यह समझौता ज्ञापन गुवाहाटी के आसपास सात ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के बीच ‘हॉप ऑन हॉप ऑफ’ पर आधुनिक नौका सेवा की सुविधा प्रदान करेगा और प्रसिद्ध सात धार्मिक स्‍थलों कामाख्या, पांडुनाथ, अश्वकलांता, डौल गोविंदा, उमानंद, चक्रेश्वर और औनियाती सतरा को कवर किया जाएगा। फेरी टर्मिनल पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय में आरामदायक माहौल के आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएगी।

इस परियोजना पर 45 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह एक साल के भीतर पूरी हो जाएगी। ये सेवा हनुमान घाट, उजान बाजार से आरंभ होगी और सातों धार्मिक स्‍थलों को 2 घंटे से भी कम समय में पूरा करेगी। सागरमाला विकास निगम लिमिटेड (एसडीसीएल) और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्‍ल्‍यूएआई) संयुक्त रूप से परियोजना लागत के 55 प्रतिशत का योगदान देंगे जबकि शेष असम पर्यटन विकास निगम (एटीडीसी) द्वारा प्रदान किया जाएगा। अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन विभाग (डीआईडब्ल्यूटी) ने परियोजना के लिए मंदिरों के पास घाटों का नि:शुल्‍क उपयोग करने की सहमति दी है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि “नदी आधारित पर्यटन सर्किट का विकास असम में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मुझे प्रसन्‍नता है कि असम सरकार के समर्थन से, आईडब्ल्‍यूएआई, एसडीसीएल, एटीडीसी और डीआईडब्ल्‍यूटी के बीच समझौता ज्ञापन से यह परियोजना तीव्र गति से पूरी होगी और असम में नदी पर्यटन क्षेत्र में नए अध्याय का अनावरण होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रखर नेतृत्व में भारत की एक्ट ईस्ट नीति पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विकास की परियोजनाओं के माध्‍यम से परिलक्षित हो रही है। उन्‍होंने कहा कि आज अंतर्देशीय जलमार्गों ने ये उदाहरण प्रस्‍तुत किया है कि परिवहन के माध्यम से परिवर्तन कैसे संभव हो सकता है। ब्रह्मपुत्र के रास्ते ओडीसी और ओडब्ल्यूसी कार्गो मूवमेंट से दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज गंगा विलास तक, अंतर्देशीय जलमार्गों की विशाल क्षमता का प्रदर्शन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी नेतृत्व में, हम असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतर्देशीय जलमार्गों की समृद्ध क्षमता विकसित करने के मार्ग पर दृढ़ हैं, जिससे नए भारत के विकास के गति मिले।

इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “आज का हस्ताक्षर समारोह राज्य में पर्यटन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। मुझे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं इस पहल के लिए विभागों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि पर्यटक इस अद्भुत नदी सर्किट के माध्यम से गुवाहाटी की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का आनंद लेंगे।‘’’

इस कार्यक्रम में असम सरकार के परिवहन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य, पर्यटन मंत्री जयंत मल बरुआ; भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय; एटीडीसी की रितुपर्णा बरुआ; असम पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष दिलीप दास और सागरमाला विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार गुप्ता और गुवाहाटी में असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में राज्य और केंद्र सरकार के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।

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