फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स- एफ.ए.टी.एफ. ने एक बार फिर पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट में बनाए रखा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस से संचालित इस संस्था ने पाकिस्तान से कहा है कि वह धन के अवैध कारोबार से जुड़े जटिल मामलों और मुकदमों को गम्भीरता से ले। एफ.ए.टी.एफ. ने चार मार्च को अपने पूर्ण सत्र के समापन पर यह निर्णय लिया।
आतंकवाद रोकने के मद में धन कम करने और धन के अवैध कारोबार को लेकर पाकिस्तान जून-2018 से ही एफ.ए.टी.एफ. की ग्रे लिस्ट में है। इसके कारण पाकिस्तान के आयात-निर्यात, नकदी जमा और अंतरराष्ट्रीय ऋण प्राप्त करने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
इस वर्ष एफ.ए.टी.एफ. के पूर्ण सत्र की अध्यक्षता जर्मनी ने की। इसमें दुनियाभर के दो सौ से ज्यादा सदस्यों और पर्यवेक्षक संगठनों ने हिस्सा लिया। इनमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, संयुक्त राष्ट्र और एगमोंट ग्रुप ऑफ फाइनेंशियल इंटेलिजेंस इकाइयां शामिल थीं।
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