प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 अप्रैल को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात में ‘स्वागत’ पहल के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री इस योजना के पिछले लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। गुजरात सरकार इस पहल के 20 वर्ष सफलतापूर्वक पूरा होने पर ‘स्वागत सप्ताह’ मना रही है।
स्वागत (स्टेट वाइड अटेंशन ऑन ग्रीवन्सेज बाई एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी) की शुरुआत अप्रैल 2003 में प्रधानमंत्री द्वारा उस समय की गई थी, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इस कार्यक्रम की शुरुआत उनके इस विश्वास से प्रेरित थी कि एक मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने राज्य के लोगों की समस्याओं को हल करना है। इस संकल्प व जीवनयापन को आसान बनाने की प्रौद्योगिकी की क्षमताओं को काफी पहले ही पहचान लेने के साथ, तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी ने अपनी तरह का पहला तकनीक-आधारित इस शिकायत निवारण कार्यक्रम को शुरू किया था।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नागरिकों की दिन-प्रतिदिन की शिकायतों को त्वरित, कुशल और समयबद्ध तरीके से हल करके उनके और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना था। समय के साथ, ‘स्वागत’ ने लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी प्रभाव डाला और यह कागजरहित, पारदर्शी एवं बाधा-मुक्त तरीके से समस्याओं को हल करने का लिए एक प्रभावी उपकरण बन गया।
‘स्वागत’ की विशिष्टता यह है कि यह आम आदमी को अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में मदद करता है। यह हर महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित किया जाता है जिसमें मुख्यमंत्री शिकायत निवारण के लिए नागरिकों के साथ बातचीत करते हैं। यह शिकायतों के त्वरित समाधान के जरिए आम लोगों और सरकार के बीच की खाई को पाटने में सहायक रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक आवेदक को निर्णय के बारे में सूचित किया जाए। सभी आवेदनों की कार्यवाही ऑनलाइन उपलब्ध होती है। अब तक दर्ज की गई 99 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
‘स्वागत’ ऑनलाइन कार्यक्रम के चार घटक हैं: राज्य स्वागत, जिला स्वागत, तालुका स्वागत और ग्राम स्वागत। राज्य स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं जनसुनवाई में शामिल होते हैं। जिला कलेक्टर जिला स्वागत का प्रभारी होता है, जबकि मामलातदार और संवर्ग-1 स्तर का एक अधिकारी तालुका स्वागत का प्रमुख होता है। ग्राम स्वागत में, नागरिक हर महीने की 1 से 10 तारीख तक तलाटी/मंत्री के पास आवेदन दाखिल करते हैं। ये आवेदन निवारण के लिए तालुका स्वागत कार्यक्रम में शामिल होते हैं। इसके अलावा, नागरिकों के लिए एक लोक फरियाद कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसमें वे स्वागत इकाई में अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।
‘स्वागत’ ऑनलाइन कार्यक्रम को सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुक्रियाशीलता को बेहतर बनाने के लिए 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार सहित कई पुरस्कार दिए गए हैं।
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