Categories: News-Headlines

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर और मार्ट में विश्व डेयरी सम्मेलन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में डेयरी पशुओं के ताजा आंकड़ों का संकलन करने के लिए सबसे बड़ा डाटाबेस बनाया जा रहा है और डेयरी क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक पशु को इससे जोड़ा जाएगा। दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर और मार्ट में विश्व डेयरी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र बड़े पैमाने पर उत्पादन की बजाय बड़े जन समूह द्वारा उत्पादन करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि छोटे डेयरी किसानों के सामुहिक प्रयासों से भारत दुनिया में सबसे अधिक डेयरी उत्पाद करने वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में देश में 14 करोड़ 60 लाख टन दूध का उत्पादन किया था जो अब यह बढ़कर 21 करोड़ टन हो गया है, जो करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि है।

उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ दुनिया भर के करोड़ों लोगों की आजीविका का एक प्रमुख स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि भारत में डेयरी क्षेत्र की प्रेरक शक्ति छोटे किसान हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में 75 प्रतिशत योगदान नारी शक्ति का है। प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि सरकार एक संतुलित डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति डेयरी क्षेत्र तक भी पहुंची है और डिजिटल भुगतान प्रणाली दुनिया भर के किसानों की मदद कर सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी उत्पादन बढ़ाने के लिए देश में पशु-आधार नामक बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण की प्रौद्योगिकी विकसित की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में लम्पी चर्म रोग मवेशियों के लिए खतरा बना हुआ है और उनका जीवन बचाने के लिए स्वदेश में ही टीका तैयार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्लास्टिक मवेशियों के लिए खतरा बन गया है और सरकार एक ही बार में प्रयोग किए जाने वाले प्लास्टिक के उपयोग को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 तक डेयरी के सभी पशुओं को मुंह-खुर रोग से बचाने के लिए टीका उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक ही तरह की खेती करना एकमात्र समाधान नहीं है और इसमें विविधता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह बात पशुपालन पर भी लागू होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसीलिए भारत में स्वदेशी और संकर नस्ल दोनों पर ही ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोबर धन योजना डेयरी क्षेत्र के विकास का उदाहरण है।

सम्मेलन 15 सितंबर तक चलेगा, इसमें उद्योगपति, विशेषज्ञ, किसान और नीति नियोजक भाग ले रहे हैं । सम्मेलन का विषय है ‘पोषण और आजीविका के लिए डेयरी’। सम्मेलन में 50 देशों के लगभग 1500 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस तरह का शिखर सम्मेलन भारत में 1974 में आयोजित किया गया था। भारतीय डेयरी उद्योग सहकारी मॉडल पर आधारित है जो छोटे और सीमांत डेयरी किसानों, विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाता है। सरकार ने डेयरी क्षेत्र की बेहतरी के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले आठ वर्षों में दूध उत्पादन में 44 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

14 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

15 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

15 hours ago

This website uses cookies.