प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह 10 बजे “महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण” पर बजट बाद वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। वेबिनार का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। यह महिलाओं के स्वामित्व वाले और महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यावसायिक उद्यमों के सतत विकास करने पर मंथन तथा मार्ग तैयार करने एवं घोषणाओं को लागू करने के लिए एक रणनीति और ब्लू प्रिंट विकसित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा आयोजित किये जा रहे है बजट के बाद वेबिनारों की श्रृंखला का हिस्सा है।
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री महेंद्रभाई मुंजपारा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उद्घाटन सत्र में उपस्थित होंगे। इसके बाद बजट क्रियान्वयन रणनीति पर वेबिनार की दिशा निर्धारित करने के लिए महिला एवं बाल विकास सचिव की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी।
उद्घाटन सत्र के बाद ब्रेक-आउट सत्रों में तीन विषयों- स्वयं सहायता समूहों को बड़े व्यावसायिक उद्यमों/सामूहिकों में विस्तारित करने, प्रौद्योगिकी और वित्त का लाभ उठाने, तथा बाजार एवं व्यवसाय विस्तार- पर डोमेन विशेषज्ञों, महिला स्वयं सहायता समूह संघों और अन्य प्रतिभागियों द्वारा व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। आशा है कि ब्रेक-आउट सत्रों में व्यावहारिक और लागू करने योग्य समाधान सामने आएंगे।
वेबिनार में मॉडरेटर, डोमेन विशेषज्ञ तथा संबंधित क्षेत्र के वक्ता शामिल होंगे। इसे लाइव वेबकास्ट किया जाएगा। वेबिनार के प्रतिभागियों में सरकारी अधिकारी, महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्य/फेडरेशन, सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि, कृषि-टेक कंपनियां, सिविल सोसायटी संगठन, अकादमिक संस्थान, वाणिज्य और उद्योग मंडलों के सदस्य, एसआरएलएम के सदस्य और बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री का बजट भाषण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित था। घोषणा में कहा गया कि 81 लाख स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करने में डीएवाई-एनआरएलएम द्वारा प्राप्त उल्लेखनीय सफलता को कच्चे माल की आपूर्ति में उचित कदम, उनके उत्पादों के बेहतर डिजाइन, गुणवत्ता, ब्रांडिंग तथा विपणन के लिए सहायता, बड़े उपभोक्ता बाजारों की सेवा के लिए पेशेवर रूप से प्रबंधित तरीके से संचालन को बढ़ाने के लिए बड़े उत्पादक उद्यमों या समूहों का गठन करके आर्थिक सशक्तिकरण के अगले चरण में ले जाना है और उनमें से कुछ को ‘यूनिकॉर्न’ में बदलना है।
ब्रेक-आउट सत्र के बाद समापन सत्र होगा, जिसमें संबंधित मंत्रालयों/विभागों के सचिव तथा अन्य हितधारकों की उपस्थिति में तीन ब्रेक-आउट सत्रों में से प्रत्येक के मॉडरेटर द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, और फिर खुली चर्चा होगी।
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