Categories: News-Headlines

पेट्रोकेमिकल में दुनिया की वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से अधिक होने की संभावना है: हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक सतत भविष्य में प्रवेश’ विषय पर नई दिल्ली में आज एशियाई पेट्रोकेमिकल उद्योग सम्मेलन को संबोधित किया। हरदीप सिंह पुरी ने अपने संबोधन में कहा, “अगले दो दशकों में वैश्विक ऊर्जा मांग में वृद्धि का 25 प्रतिशत हिस्सा भारत का होने जा रहा है।”

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल उद्योग सम्मेलन के प्रतिष्ठित मंत्रिस्तरीय पैनल में अन्य वक्ता के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। पंकज जैन, सचिव (केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय), सरकार के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विनार्माता संघ (सीपीएमए) के आयोजन सदस्य, एशिया पेट्रोकेमिकल उद्योग सम्मेलन (एपीआईसी) भागीदार देशों – जापान, कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर ताइवान और थाईलैंड के सदस्य इस भव्य सभा का हिस्सा थे।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सभी के लिए ऊर्जा उपलब्धता, सामर्थ्य और सुरक्षा पर सम्मेलन को संबोधित किया। हरदीप सिंह पुरी ने अपने संबोधन में कहा, “भारतीय रसायन और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र का बाजार आकार वर्तमान में 190 बिलियन अमरीकी डालर है। यह क्षेत्र माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड की पहल का समर्थन करता है, क्योंकि यह भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदल सकता है।” हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “भारत न केवल दुनिया में छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक है और एशिया में चौथा है, बल्कि 175 से अधिक देशों में रसायनों का निर्यात भी करता है। यह भारत के कुल निर्यात का 13 प्रतिशत है।”

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत में पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के विकास के बारे में बात करते हुए कहा कि यह कई कारकों द्वारा नियंत्रित होता है, इनमें से सबसे महत्वपूर्ण बढ़ती आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बढ़ती मांग है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “भारतीय पेट्रोकेमिकल उद्योग 1970 के दशक में स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय कर चुका है और परिवर्तनकारी विकास के लिए तैयार है। आने वाले वर्षों में वैश्विक पेट्रोकेमिकल मांग में प्रगतिशील वृद्धि में लगभग 10 प्रतिशत योगदान होने की संभावना है।”

हरदीप सिंह पुरी ने कुछ चौंका देने वाले तथ्यों को साझा करते हुए कहा, “भारतीय रासायनिक क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद के 1.2 से 1.5 गुना की दर से बढ़ रहा है। आगे बढ़ते हुए, जैसा कि भारत में रासायनिक बाजार 178 बिलियन अमरीकी डालर के वर्तमान मूल्यांकन से बढ़कर 300 बिलियन अमरीकी डालर हो गया है, हम आने वाले दशक में 87 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक के निवेश की आशा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आशा है कि भारत पेट्रोकेमिकल्स में दुनिया के विकास के 10 प्रतिशत से अधिक के लिए जिम्मेदार होगा।

हरदीप सिंह पुरी ने भारत सरकार की व्यापार करने में आसानी की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सरकार ने इस क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए कई नीतियों की स्थापना की है, जिसमें स्वचालित मार्गों, पीसीपीआईआर (पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स निवेश क्षेत्र) क्षेत्रों और सेट के माध्यम से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ 10 से अधिक प्लास्टिक पार्क जैसे बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है।

हरदीप सिंह पुरी ने प्रस्तावित नई पीसीपीआईआर नीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसे वर्ष 2020-35 के बीच लागू किया जाएगा और इस क्षेत्र के लिए 34 लाख करोड़ रुपये (420 बिलियन अमरीकी डालर) से अधिक का अनुमानित संयुक्त निवेश आकर्षित करने की संभावना है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश के आशाजनक अवसरों पर बोलते हुए कहा कि आने वाले दशक में 30 बिलियन अमरीकी डालर के संभावित निवेश के अवसर हैं और भारत सरकार वर्तमान चुनौतियों का सक्रिय रूप से समाधान कर रही है और समग्र सुधार के लिए उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता, गुणवत्ता और उत्पादन के लिए कई प्रमुख पहलों को लागू कर रही है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “भारत में रसायन और पेट्रोकेमिकल की मांग लगभग तिगुनी होने और 2040 तक 1 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।”

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने संबोधन के समापन में कहा, “भारत की लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल्स क्षमता पेट्रोलियम रिफाइनरियों के साथ एकीकृत है। यह पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक निश्चितता के मामले में भारत को बढ़त देता है। हमने वर्ष 2013-14 में भारत की रिफाइनिंग क्षमता 215 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 251.2 एमएमटीपीए कर दी है – जो संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस के बाद दुनिया में चौथा सबसे बड़ा है।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

9 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

12 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

13 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

13 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

1 day ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.