Categories: News-Headlines

पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत शिक्षा, प्रतिभा के आवागमन और अंतर-क्षेत्रीय अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर की पूर्व संध्या पर, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने आगरा में आयोजित एक उद्योग सहभागिता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एस पी बघेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस संवाद में चमड़ा एवं जूते, आयुष, चिकित्सा उपकरण, प्रकाश अभियांत्रिकी, खेल सामग्री क्षेत्रों और लघु उद्योग भारती, उत्तर प्रदेश के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्योग जगत ने भारत की चमड़ा निर्माण क्षमता, फार्मा उद्योग, चिकित्सा उपकरण उद्योग और अभियांत्रिकी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता को दर्शाते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समावेशी, दूरदर्शी और भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित व्यापारिक साझेदारियों के निर्माण के दृष्टिकोण के अनुरूप, दोनों मंत्रियों ने इस विषय पर जोर दिया कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मात्र एक शुल्क आधारित समझौता नहीं है। यह एक विस्तृत फ्रेमवर्क है, जिसमें बाजार पहुंच, कृषि उत्पादकता, निवेश, प्रतिभा का आवागमन, खेल, पर्यटन और जन-संबंधों में सहयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के निर्माताओं, किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों, छात्रों और कुशल पेशेवरों तक लाभ पहुंचाना है।

आगरा, जहां भारत के चमड़े के जूतों के उत्पादन की लगभग 75 प्रतिशत भागीदारी है, अपने चमड़े के जूतों के लिए भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग रखता है और ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत एक प्रमुख उत्पाद वाला शहर है। मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने के साथ ही भारतीय निर्यात पर सभी प्रकार के शुल्क समाप्त होने और चमड़े और जूतों पर टैरिफ 5 प्रतिशत से घटकर शून्य होने से भारतीय निर्यातकों को निर्णायक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की संभावना है। उद्योग प्रतिनिधियों ने बड़े पैमाने पर उत्पादन से उच्च मूल्यवर्धित मैन्युफैक्चरिंग की ओर रणनीतिक बदलाव के चलते 2030 तक इस क्षेत्र के 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ने की क्षमता पर प्रकाश डाला। न्यूजीलैंड के समृद्ध कच्चे चमड़े के संसाधन, भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ मिलकर एक मजबूत पूरकता प्रदान करते हैं, जिसका लाभ उठाने के लिए दोनों पक्षों ने उत्सुकता जताई। इस मौके पर, दोनों मंत्रियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आगरा को वैश्विक स्रोत गंतव्य, रोजगार के केंद्र और विश्व मंच पर निर्यात के एक शक्तिशाली केंद्र के तौर पर स्थापित करने की बात कही।

इस चर्चा में दवा और चिकित्सा उपकरण सेक्टर पर भी बात हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने त्वरित नियामक पहुंच के लिए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रावधानों का स्वागत किया, जिसमें तुलनात्मक अंतरराष्ट्रीय नियामकों से जीएमपी और जीसीपी निरीक्षण रिपोर्टों की मंजूरी शामिल है। इससे अनुपालन का बोझ कम होगा और भारतीय निर्माताओं के लिए उत्पाद की मंजूरी में तेजी आएगी। उन्होंने एफटीए में स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा पर एक समर्पित अध्याय को शामिल किए जाने का भी स्वागत किया, जो आयुष को मान्यता देने वाले दोनों देशों के लिए पहली बार है।

पीयूष गोयल ने शिक्षा और प्रतिभा आवागमन के क्षेत्र में इस समझौते से पैदा होने वाले महत्वपूर्ण अवसरों पर भी प्रकाश डाला। मंत्री ने उद्योग जगत और हितधारकों से इन प्रावधानों का सक्रिय तौर पर लाभ उठाने का अनुरोध किया, जिससे भारतीय छात्र और पेशेवर मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की ओर से खोले गए नए अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने सभी से इस समझौते को दोनों देशों के बीच एक गहन, जन-केंद्रित साझेदारी के द्वार के तौर पर देखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने एफटीए को अवसरों व सोच दोनों खोलने वाला बताया और उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे सामान्य सोच से परे जाकर फार्मा, आयुष, शिक्षा, खेल, पर्यटन और निवेश संबंधित सभी क्षेत्रों में समझौते का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने उद्योग निकायों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि इसका लाभ सभी एमएसएमई और लघु उद्यम तक पहुंचे। टॉड मैक्ले ने दोहराया कि भारत न्यूजीलैंड के लिए एक रणनीतिक प्राथमिकता है और इसे न्यूजीलैंड की ओर से पूरा किया गया अब तक का उच्चतम गुणवत्ता वाला एफटीए बताया। उन्होंने दोनों पक्षों के व्यवसायों को संयुक्त उद्यमों को सक्रिय तौर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में न्यूजीलैंड के व्यवसायों की ओर से देखे जाने वाले महत्वपूर्ण निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला।

आगरा में आयोजित उद्योग सहभागिता कार्यक्रम, नई दिल्ली में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर के साथ आयोजित उच्च स्तरीय वार्ताओं की श्रृंखला का एक भाग है। यह समझौता 16 मार्च 2025 को शुरू होने के बाद रिकॉर्ड नौ महीने में संपन्न हुआ, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करता है।

homeas

Leave a Comment

Recent Posts

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी जारी रहने का पूर्वानुमान: मौसम विभाग

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक… Read More

2 hours ago

NSA अजीत डोभाल ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद… Read More

2 hours ago

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे, विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। 28 अप्रैल को… Read More

15 hours ago

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और हीट वेव जारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और हीट वेव जारी है। मौसम विभाग ने अगले… Read More

18 hours ago

MoEFCC और NBA ने तमिलनाडु और मेघालय में जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन को सुदृढ़ करने के लिए पांच वर्षीय परियोजना का शुभारंभ किया

ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को हरित रूप देने और अभिनव वित्तपोषण के माध्यम से… Read More

20 hours ago

सरकार ने 2025–26 के गेहूं उत्पादन परिदृश्य को स्पष्ट किया; मौसम में बदलाव के बावजूद फसल मजबूत बनी हुई

2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन परिदृश्य के संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्टों के जवाब में,… Read More

20 hours ago

This website uses cookies.