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पीएम गतिशक्ति के तहत 54वीं नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की बैठक में चार बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की सिफारिश

54वें नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक की अध्यक्षता उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमिता डावरा ने कल नई दिल्ली में की। इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के विभागों व मंत्रालयों के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। इस बैठक के दौरान 7,693.17 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की दो और रेल मंत्रालय की दो परियोजनाओं का आकलन किया गया।

सुमिता डावरा ने गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल का उपयोग करने और बुनियादी ढांचे की योजना और कार्यान्वयन के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक संपर्क के संदर्भ में परियोजनाओं के महत्व पर जोर दिया और क्षेत्र विकास दृष्टिकोण का अनुसरण करने पर जोर दिया।

एनपीजी ने केरल में भारतमाला परियोजना के तहत 4,767.20 करोड़ रुपये की चार-लेन तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड (ओआरआर) की जांच की। यह परियोजना कॉरिडोर मुंबई-कन्याकुमारी आर्थिक कॉरिडोर का एक हिस्सा है। ये परियोजनाएं उत्तरी क्षेत्र से पूर्वी क्षेत्र को सुचारु और त्वरित कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए जरूरी है। साथ ही आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। यह परियोजना यात्रा के समय को कम करेगी, वाहन संचालन लागत की बचत करेंगी और विझिंजम में नए अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

एनपीजी ने 1,179.33 करोड़ रुपये के परियोजना परिव्यय के साथ एक अन्य सड़क परियोजना, दाहोद-बोडेली-वापी कॉरिडोर का आकलन किया था। इस सड़क परियोजना की शुरुआत नए वडोदरा-दिल्ली एक्सप्रेसवे के जंक्शन से होती है और मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे के बाद समाप्त होती है। यह कार्यान्वयन बोडेली, देवलिया, राजपीपला, नेत्रंग, व्यारा, धरमपुर, वापी और आगे दक्षिण की ओर वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के माध्यम से मुंबई के साथ एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह परियोजना सड़क नेटवर्क में सुधार करेगी, जिससे यात्रा का समय और दूरी कम होगी साथ ही परिवहन लागत के कम होने से स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे। इससे परियोजना मार्ग पर सामाजिक-आर्थिक विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

एनपीजी ने 799.64 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ राजस्थान में पुष्कर- मेड़ता के बीच एक नई ब्रॉड गेज रेलवे लाइन पर भी विचार-विमर्श किया। यह प्रस्तावित नई लाइन मध्य भारत से उत्तरी भारत के साथ-साथ पश्चिमी सीमा तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसके अलावा, इससे भीड़ कम होगी और राजमार्गों पर दबाव कम होगा।

राजस्थान में एक और रेल परियोजना, मेड़ता सिटी-रास रेलवे स्टेशनों के बीच 947 करोड़ रुपये की एक नई ब्रॉड-गेज लाइन का आकलन एनपीजी द्वारा किया गया। यह परियोजना राजस्थान के पाली और नागौर जिलों को शामिल करने वाले क्षेत्र में माल की त्वरित आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और औद्योगिक व समग्र विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।

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