चंद्रयान-3 के लैंडर से निकलकर रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर उतर गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने बताया कि स्वदेश में निर्मित और चंद्रमा के लिए बनाए गए रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा के तल पर चलना और जायजा लेना शुरू कर दिया है। यह भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण सफलता है। रोवर में लगे 6 पहियों ने चांद की सतह पर अशोक स्तंभ और इसरो का लोगो अंकित कर दिया है। यह अनंतकाल तक पूरे विश्व के समक्ष प्रमाण रहेगा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश है।
चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने के साथ भारत ने नया इतिहास रचा दिया है। ये उपलब्धि हासिल करने वाला भारत विश्व का पहला देश हो गया है। इस महत्वपूर्ण सफलता ने भारत के लिए अंतरिक्ष के नए द्वार खोल दिए हैं।
चन्द्रयान-3 मिशन 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से चन्द्रमा के लिए रवाना हुआ था। 43 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद आज चन्द्रयान-3 का लैंडर विक्रम पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर धीरे-धीरे उतरा।
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