पंजाब में स्वच्छता ही सेवा 2023 अभियान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनेताओं और जिला प्रशासकों सहित प्रमुख हस्तियों ने 15 सितंबर, 2023 को सभी 23 जिलों में अभियान प्रारंभ किया। जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभाग ‘कचरा-मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वच्छता अभियान आयोजित करने और अपने परिवेश को साफ रखने के बारे में संदेश प्रसारित करने के लिए एकजुट हुए हैं। स्वच्छता गतिविधियाँ बाज़ारों, प्राणी उद्यानों, शहर के पार्कों तथा शहरों और गाँवों में छोटे जल निकायों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर चलाई गईं। राज्य भर के आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों जैसे संस्थागत परिसरों में भी स्वच्छता गतिविधियाँ चलाई गई। अब तक 10,868 से अधिक अभियान गतिविधियों में 64 लाख से अधिक पंजाब में रहने वाले लोगों ने भाग लिया है।इससे इन लोगों ने लगभग 3.63 करोड़ मानव-घंटे का योगदान दिया है और लगभग 10,000 तस्वीरें स्वच्छता ही सेवा पोर्टल पर अपलोड की गई हैं।
स्वच्छता परिसंपत्तियों की मरम्मत, पेंटिंग और सफाई ने ग्रामीण और शहरी स्वयंसेवकों और निवासियों को अपने-अपने क्षेत्रों में एक समान लक्ष्य के लिए एक साथ ला दिया। विभिन्न सफाई और प्लॉगिंग अभियानों ने जल निकायों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा साफ किया। श्रमदान (स्वयंसेवा) में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी देखी गई, जिससे लगभग 4875 गतिविधियाँ पूरी हुईं, जिनमें 1269 संस्थागत भवनों, 948 सार्वजनिक स्थानों, 782 कचरा संभावित स्थलों, 305 जल निकायों, 116 नदी तट और तटीय क्षेत्रों, 71 विरासत अपशिष्ट स्थलों , 61 सामुदायिक स्वच्छता परिसर और 58 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल की सफाई शामिल है।
‘हरा गीला सूखा नीला’ अभियान के माध्यम से स्वच्छ और स्वच्छ आदतों और उचित कचरा निपटान को बढ़ावा देने के लिए स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता गतिविधियाँ और सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान चलाए गए, जिसमें अतिसंवेदनशील उम्र में कचरा पृथक्करण के महत्व पर बल दिया गया। स्कूल स्तर पर स्वच्छता प्रतिज्ञाएँ और गतिविधियाँ अपशिष्ट-से-संपदा उद्देश्यों पर केंद्रित हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे जिम्मेदार नागरिक बनें और एक सर्कुलर अर्थव्यवस्था में योगदान करें। छात्रों के लिए विशेष प्रदर्शन भ्रमण में जल गुणवत्ता परीक्षण पर सत्र और सीवेज उपचार प्रक्रियाओं तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों को समझने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना स्थलों को जाकर देखना शामिल था।
भारतीय स्वच्छता लीग 2.0 में पंजाब के युवाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रही, जिसमें स्वच्छता का संदेश फैलाने के लिए साइकिल रैलियां और स्वच्छता रन आयोजित किए गए। रूपनगर में नांगल की पालिका परिषद सभी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और एक जागरूकता रैली आयोजित करने के लिए विशेष उल्लेखनीय है, जिसमें सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (एसयूपी) के विकल्पों तथा बस स्टैंड, पार्किंग स्थल और वन क्षेत्रों जैसे स्थानों पर अपशिष्ट पृथक्करण पर बल दिया गया।
राज्य में जन लामबंदी कार्यक्रमों में लगभग 34 लाख लोगों की भागीदारी देखी गई, जिसमें लगभग 2.46 करोड़ मानव घंटे लगभग 4281 गतिविधियों के लिए समर्पित थे। इसमें लगभग 806 स्वच्छता प्रतिज्ञाएँ, 555 से अधिक विशेष ग्राम सभा बैठकें, लोगों के साथ लगभग 505 संवाद कार्यक्रम और 251 से अधिक स्वच्छता कार्यक्रम शामिल हैं। जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने दैनिक वृक्षारोपण अभियान, पुराने अपशिष्ट स्थलों की सफाई और जन जागरूकता के लिए स्वच्छता प्रतियोगिताओं को सुनिश्चित किया। स्वच्छता के लिए इस जन आंदोलन में भाग लेने वालों में विधायक और उनके पति/पत्नी, जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय नगर परिषदें, ग्राम पंचायतें, नेहरू युवा केंद्र और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, स्वयं सहायता समूह, युवा, स्कूली बच्चे, जिला स्वच्छता अधिकारी और स्वच्छता कर्मी शामिल थे।
राज्य ने अभियान के हिस्से के रूप में कीचड़ हटाने का अभियान भी चलाया, जिसमें सेप्टिक टैंकों को खाली करने और एमसेवा एफएसएम पोर्टल पर कीचड़ हटाने वाले ऑपरेटरों को शामिल करने पर फोकस किया गया, जो शहरी-ग्रामीण रूझान से पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया गया एक एप्लिकेशन है। पूरे पंजाब में सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी स्थानीय संपर्क सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नाम के साथ आयोजित किया गया था। स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए उनके अत्यधिक महत्व को पहचानते हुए जिलों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए।
यह अभियान राज्य के निवासियों के बीच स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रहा है। शहरी और ग्रामीण जिला तथा ब्लॉक अधिकारियों ने बेहतर स्वच्छता और स्वच्छता व्यवहारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक बैठकें आयोजित कीं। छात्रों को शैक्षिक भ्रमण बहुत ही मनोरंजक लगा, क्योंकि उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया और एक स्थायी भविष्य के निर्माण के प्रति अपने महत्त्व को समझा। स्वच्छता ही सेवा अभियान 2023 अब तक पंजाब में बहुत सफल रही है, जिसमें बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हो रही है। स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
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