नीति आयोग ने ‘भोजन में मिलेट्स को बढ़ावा देना: भारत के राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की सर्वोत्तम पहल’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी ने सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल, सदस्य (कृषि) डॉ. रमेश चंद और सीईओ बी. वी. आर. सुब्रह्मण्यम की उपस्थिति में यह रिपोर्ट जारी की।
इस मौके पर अदिति राउत, अपर सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शुभा ठाकुर, संयुक्त सचिव, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, दीपा आनंद, उप सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग तथा नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. राजीब सेन भी मौजूद थे।
यह रिपोर्ट मिलेट्स मूल्य-श्रृंखला के विभिन्न पहलुओं खासतौर से उत्पादन, प्रसंस्करण और खपत में राज्य सरकारों और संगठनों द्वारा अपनाई गई बेहतरीन और नवीन पहलों का एक ब्योरा सामने रखती है। रिपोर्ट तीन विषयों पर है: 1. मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए राज्य मिशन और पहल, 2. आईसीडीएस में मिलेट्स को शामिल करना, 3. नवीन प्रथाओं के लिए तकनीकी का इस्तेमाल और अनुसंधान एवं विकास। यह रिपोर्ट हमारे आहार में मोटे अनाज की हिस्सेदारी बढ़ाने और उसे मुख्यधारा में लाने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी।
इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी ने कहा कि यह रिपोर्ट बहुत ही सही समय पर आई है। माननीय प्रधानमंत्री ने मिलेट्स के महत्व को बढ़ाने में रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया है। धीरे-धीरे आहार में बदलाव आया है, जो पर्यावरणीय स्थिरता और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ा है और लोग मिलेट्स के औषधीय, पोषक एवं सूजन आदि समस्याओं में मददगार गुणों की सराहना करने लगे हैं। आगे, हमें मिलेट्स को सुपर फूड के रूप में लोकप्रिय बनाने और इसे फैशन में लाने के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग की ताकत का लाभ लेने की जरूरत है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा, ‘मिलेट पोषण से भरपूर फसल है। इस तरह का दस्तावेज होना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आम लोगों एवं मिलेट के डेटा, साक्ष्य को देखने वालों में आहार में इसे शामिल करने को लेकर एक भरोसा जगाएगा।’
नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने कहा, ‘हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने मिलेट को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर एक सम्मानजनक दर्जा दिलाने के लिए खुद विशेष रुचि ली है। यह रिपोर्ट व्यापक रूप से नीति, राज्य मिशनों और अनुसंधान एवं विकास और तकनीकी नवाचारों को कवर करती है जिससे मिलेट को बढ़ावा मिल सके। इससे मिलेट के बारे में लोग ज्यादा जान सकेंगे।’
सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘मिलेट हमारे भोजन में बहुत सामान्य चीज थी। हालांकि आहार का स्वरूप धीरे-धीरे चावल और गेहूं की तरफ शिफ्ट हो गया। मधुमेह जैसे गैर-संचारी रोगों में बढ़ोतरी के साथ मिलेट हमारे आहार में वापस शामिल हो रहा है। देश की पोषण सुरक्षा की दिशा में मिलेट में अपार संभावनाएं हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने मिलेट को आहार की मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई है और यह संग्रह इसमें अहम योगदान देगा।’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया… Read More
भारत ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि उसे ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व… Read More
लोकसभा में कल संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक… Read More
निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ रुपये… Read More
आईपीएल क्रिकेट में कल रात अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच… Read More
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment