नव वर्ष के अवसर पर अमेरिका के पिट्सबर्ग में धरती को कंपा देने वाले उल्का में अनुमानत: 30 टन (27,216 किलोग्राम) टीएनटी के बराबर ऊर्जा के साथ वातावरण में विस्फोट हुआ था। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नासा की ‘मीटीअर वॉच’ सोशल मीडिया साइट ने रविवार देर रात बताया कि लगभग 45,000 मील प्रति घंटे (72,420 किलोमीटर प्रति घंटे) पर उल्का की गति का ‘‘उचित अनुमान’’ लगाने से उसके आकार के बारे में लगभग सटीक जानकारी मिलेगी।
नासा ने कहा कि यदि बादल नहीं होते, तो इसे दिन में आसमान में आसानी से देखा जा सकता था। यह संभवत: पूर्णिमा के चंद्रमा से करीब 100 गुणा अधिक प्रकाशमान था।
एक निकटवर्ती इन्फ्रासाउंड स्टेशन ने उल्का से विस्फोट की लहर दर्ज की, जिससे मापन संबंधी अनुमान लगाया गया।
राष्ट्रीय मौसम सेवा में कार्यरत मौसम वैज्ञानिक शैनन हेफरन ने ‘ट्रिब्यून-रिव्यू’ को बताया कि उपग्रह डेटा ने शनिवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे से कुछ समय पहले वाशिंगटन काउंटी में एक प्रकाश दर्ज किया और अधिकारियों का मानना था कि यह ‘‘वातावरण में उल्का गिरने’’ के कारण था। उन्होंने बताया कि वेस्ट वर्जीनिया की हार्डी काउंटी में 17 सितंबर को इसी प्रकार की घटना हुई थी।
साउथ हिल्स और अन्य क्षेत्रों के निवासियों ने विस्फोट की आवाज सुनने और घरों के हिलने की सूचना दी थी।
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