नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा 7-8 फरवरी 2022 को नवीकरणीय ऊर्जा पर आसियान-भारत उच्च स्तरीय सम्मेलन की शुरूआत आज की गई है। दो दिनों तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में “एकीकृत नवीकरणीय बाजार के लिए अनुभव और नवाचार” विषय पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आज के उद्घाटन मंत्रिस्तरीय सत्र में एमएनआरई सचिव ने आसियान सदस्य देशों के उच्चस्तरीय गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और सम्मेलन के विषय को निर्धारित किया। महामहिम टुन लीन, राज्य सचिव खान और ऊर्जा मंत्रालय, कंबोडिया और आसियान के वर्तमान अध्यक्ष और भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और उर्वरक राज्य मंत्री, महामहिम भगवंत खुबा ने अपना विशेष संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं और आसियान और भारत की उपलब्धियों के बारे में बातें की और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए ऊर्जा परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-आसियान सहयोग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्रिस्तरीय सत्र को आसियान के सदस्य देशों के विद्युत मंत्रियों और उनके वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। गणमान्य लोगों ने अपने देशों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं, प्रगति और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के संदर्भ में बातें की और इस क्षेत्र में भारत-आसियान सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) ने मंत्रियों को आईएसए के दृष्टिकोण एवं योजनाओं और गठबंधन में शामिल होने वाले आसियान सदस्य देशों को इसके संभावित लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की।
आर के सिंह, विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, भारत सरकार ने इसमें अपना मुख्य भाषण दिया और कहा कि भारत और आसियान नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं जो ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता को बढ़ावा देता है और इस क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन केंद्रों के विकास के लिए संयुक्त पहलों का भी पता लगाता है। उन्होंने आसियान पावर ग्रिड में विकास प्राप्त करने के लिए आसियान के प्रयासों की सराहना की और कहा कि भारत “वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड” पहल के अनुरूप आसियान से आगे जाकर भारतीय उपमहाद्वीप में इस ग्रिड का एकीकृत विस्तार करने वाले अवसरों की प्राप्ति की आशा करता है। मंत्री ने 2022 में जी-20 की अध्यक्षता संभालने के लिए इंडोनेशिया को बधाई दी और कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा अवस्थांतर को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ इसमें तेजी लाने के लिए इंडोनेशियाई प्रेसीडेंसी के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने आसियान और भारत के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के आधार पर नवीकरणीय क्षेत्र में मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए आसियान के साथ मिलकर काम करने वाली भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
सभी मंत्रिस्तरीय प्रतिभागियों ने अपने संबोधनों में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाले खतरों को स्वीकार किया और एक स्थायी भविष्य का निर्माण करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में अवस्थांतर वाले अपने विचारों को दोहराया। मंत्रियों ने नवीकरणीय के क्षेत्र में भारत-आसियान सहयोग को और मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया और इस सम्मेलन में इस संबंध में ठोस क्षेत्रों और पहलों की पहचान करने के लिए आशा व्यक्त किया।
डॉ. विभा धवन, महानिदेशक, ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ इस मंत्रिस्तरीय सत्र का समापन किया।
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