खाद्य तेलों की उपलब्धता के मामले में पारदर्शिता लाने और अनुचित व्यवहारों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव ने आज राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस कदम से खाद्य तेल की कीमतों के मोर्चे पर उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि स्टॉक का खुलासा करने से संबंधित नए मानदंड और निगरानी की बेहतर व्यवस्था से अनुचित व्यवहारों और जमाखोरी आदि पर रोक लगेगी।
इस संबंध में, केन्द्र ने किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहारों को नियंत्रित करने और खाद्य तेलों की उपलब्धता के मामले में पारदर्शिता लाने के लिए राज्यों से मिल मालिकों और थोक विक्रेताओं को अपने तिलहन और खाद्य तेलों के स्टॉक का खुलासा करने का निर्देश देने को कहा है।
मीडिया के साथ बातचीत में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव ने कहा कि रबी के आगामी मौसम में तिलहन का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। इससे खाद्य तेलों की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है।
थोक विक्रताओं और मिल मालिकों से अब यह उम्मीद की जाती है कि वे तिलहन और खाद्य तेलों के अपने स्टॉक का खुलासा करेंगे और इससे संबंधित डेटा को पारदर्शिता एवं बेहतर निगरानी के उद्देश्य से एक पोर्टल पर जमा करेंगे।
थोक विक्रताओं और मिल मालिकों के लिए अपने परिसर में खाद्य तेल की कीमतों को प्रदर्शित करना भी जरूरी होगा।
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