झारखंड के देवघर जिले में त्रिकूट पर्वत पर दुर्घटना के बाद रोपवे में फंसे पर्यटकों को बचाने का कार्य पूरा हो गया है। यह दुर्घटना पहाड़ पर संचालित रोपवे का तार टूटने से हुई।
देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने 45 घंटे तक चले सफल बचाव अभियान के लिए ब्रह्मास्त्र कोर के कॉकरेल डिवीजन के जवानों, भारतीय वायु सेना, भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस बल, राष्ट्रीय आपदा मौचन बल और स्थानीय प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
बचाव अभियान में वायु सेना के एमआई-17 और एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 12 लोगों का इलाज देवघर सदर अस्पताल में चल रहा है। बचाव अभियान के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई।
इस बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने रोपवे दुर्घटना के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत 26 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment