केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअल तरीके से बल्क ड्रग्स पीएलआई योजना के लाभार्थियों के कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस अवसर पर राज्य मंत्री भगवंत खुबा भी उपस्थित थे।
भारत सरकार ने चिन्हित महत्वपूर्ण दवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए मार्च 2020 में बल्क ड्रग्स के लिए पीएलआई योजना की घोषणा की थी। इसके लिए अधिसूचना और योजना दिशानिर्देश 27 जुलाई 2020 को जारी किए गए थे। बल्क ड्रग्स पीएलआई योजना के तहत 33 महत्वपूर्ण एपीआई के लिए 3,685 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ कुल 49 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
बल्क ड्रग्स के लिए पीएलआई योजना के तहत अब तक स्वीकृत 49 परियोजनाओं में से 335 करोड़ रुपये के निवेश और 16,021 मीट्रिक टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली 8 परियोजनाओं को अब तक चालू कर दिया गया है। इसके अलावा, 504 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताओं और 18,614 मीट्रिक टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली 12 परियोजनाएं वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए उन्नत चरण में हैं और 31 मार्च 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है।
शुरू में इन 20 परियोजनाओं के सभी प्रतिनिधियों ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के बावजूद परियोजनाओं को जमीन स्तर पर उतारने और उन्हें चालू करने के प्रयासों की प्रस्तुति दी थी और विभिन्न मुद्दों को हल करने में सरकार की भूमिका की सराहना की थी।
केंद्रीय मंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप महत्वपूर्ण दवाओं में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में इस उपलब्धि के लिए उद्योग प्रतिनिधियों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में फार्मास्युटिकल क्षेत्र एक व्यावसायिक उद्यम होने के अलावा सामाजिक और रणनीतिक महत्व का क्षेत्र भी है। उन्होंने कोविड के दौर में न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दवा क्षेत्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने गुणवत्तायुक्त और किफायती दवाओं के लिए इस क्षेत्र की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने उद्योग को सतत वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में निवेश और पर्याप्त संसाधन आवंटित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्यमंत्री ने इन उद्योगों की प्रशंसा करते हुए शेष परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
शुरू में इस योजना की परियोजना प्रबंधन एजेंसी आईएफसीआई लिमिटेड ने इसके बारे में एक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पात्र उत्पादों की 44,000 मीट्रिक टन की अधिसूचित क्षमता के मुकाबले उद्योगों ने 83,000 मीट्रिक टन से अधिक की वार्षिक क्षमता के लिए प्रतिबद्धता जताई है।
विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस योजना के तहत शेष 10 पात्र उत्पादों के लिए तीसरे दौर के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं जिनकी अंतिम तिथि 13 मार्च 2022 है। उन्होंने बताया कि उद्योगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस योजना के तहत लाभ हासिल करने के लिए आवेदन करें।
बैठक में फार्मास्युटिकल्स सचिव और विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा सेंट्रिएंट फार्मास्युटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेघमनी एलएलपी, एम्मेनार फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, आंध्रा ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, हेटेरो ग्रुप, साधना नाइट्रो केम लिमिटेड और श्रीपति फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और कोविड के दौर में सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना की सराहना की। जिन बल्क ड्रग्स संयंत्रों को पहले ही चालू किया जा चुका है उनमें सीडीए, पैरा अमीनो फिनोल, एटोरवास्टेटिन, सल्फाडिजिन, ऑक्सकार्बाजेपिन, लेवोफ्लोक्सासिन, कार्बिडोपा और लेवोडोपा शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता 16,000 मीट्रिक टन से अधिक है और इन पर 335 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारतीय रुपए पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को… Read More
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने NDTV की 'नवा पंजाब समिट' में बताया है कि… Read More
मलाइका और हर्ष एक बार फिर साथ देखा गया, जिसके बाद इनके रिश्ते की चर्चाएं… Read More
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कल्याण सिंह और… Read More
SSC GD Exam Cancel Notice 2026: कानपुर के महाराजपुर स्थित श्रीमती रामकली इकबाल बहादुर ऑनलाइन… Read More
सलमान खान की देशभर में बड़ी फैन फॉलोइंग है और ईद के समय उनका नाम… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment