Categories: News-Headlines

ट्राई और सी-डॉट ने दूरसंचार में तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग तंत्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर अनिल कुमार भारद्वाज, डीजी (ट्राई सीएसआर) और राजीव कुमार, रजिस्ट्रार, सी-डॉट द्वारा दूरसंचार विभाग के सचिव, ट्राई के सचिव, सी-डॉट के सीईओ तथा ट्राई और सी-डीओटी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।

ट्राई सेंटर ऑफ स्टडीज एंड रिसर्च (ट्राई सीएसआर) की स्थापना ट्राई की एक इकाई के रूप में दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्रों में तकनीकी अध्ययन की संकल्पना, समन्वय और समर्थ स्थापित करने के लिए की गई है। इसका दृष्टिकोण क्रॉस-सेक्टर पहलों का समन्वय करके और ज्ञान साझा करने की सुविधा प्रदान करते हुए देश में प्रौद्योगिकी आधारित विकास को सक्षम बनाना है। ट्राई सीएसआर और सी-डॉट आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए सहयोगी बने हैं और उन्होंने इसके विकास में योगदान देने के उद्देश्य से दूरसंचार क्षेत्र में तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का एक तंत्र स्थापित करने की आम स्वीकृति प्राप्त की है। एक संयुक्त दृष्टिकोण के साथ, इसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों की क्षमता की पहचान करना है। यह समझौता ज्ञापन सहयोग एवं ज्ञान साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह एक ऐसे वातावरण को बढ़ावा देता है जो नियामक प्रथाओं, नियामक अंतर अध्ययन और महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रसार के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देता है।

डॉ. पी. डी. वाघेला, अध्यक्ष, ट्राई ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि औपचारिक साझेदारी की यह शुरुआत हमें उभरती हुई नई प्रौद्योगिकियों को समझने की दिशा में सशक्त बनाएगी। इस साझेदारी का उद्देश्य नियामक प्रथाओं के लिए अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना और हमारी समझ के अंतराल को पाटना है। हम ज्ञान साझा करने एवं क्षमता निर्माण करने के लिए तकनीकी सत्र, सेमिनार और सम्मेलन का आयोजन करेंगे। इन उभरती प्रौद्योगिकियों में अपार क्षमता निहित है और जिम्मेदारी की भावना एवं दूरदर्शिता के साथ हम यह कोशिश कर रहे हैं। हम अपने संसाधन, ज्ञान और विशेषज्ञता के बीच तालमेल स्थापित करते हुए, इन प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने तथा नियामक और नीतिगत अंतराल को संबोधित करने की दृढ़ इच्छाशक्ति रखते हैं।

के. राजारमन, सचिव, दूरसंचार विभाग ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए ट्राई और दूरसंचार विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से नीति अनुसंधान, नियामक अध्ययन तथा दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्रों में आगामी प्रौद्योगिकियों के प्रसार के नए अवसर खुलेंगे। यह भारत को नीति-संचालित नवाचार की प्राप्ति में मदद करेगा। के. राजारमन ने ट्राई को सुझाव दिया कि उसे नीति अनुसंधान के लिए शिक्षाविदों को अनुदान देने पर विचार करना चाहिए।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

19 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

23 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

23 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

24 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.