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जी20 नेताओं ने नई दिल्ली घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से स्‍वीकार किया, भारत के लिए इसे एक बड़ी सफलता के रूप में माना गया

भारत की जी-20 अध्‍यक्षता के लिए महत्‍वपूर्ण विजय के रूप में सदस्‍य देशों ने नई दिल्‍ली घोषणा को निर्विरोध स्‍वीकार कर लिया है। नई दिल्‍ली में कल 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने यह घोषणा स्‍वीकार किये जाने की जानकारी दी। इसका नाम है- एक परिवार।

ये वो समय है जब बरसों पुरानी चुनौतियां हमसे नये समाधान मांग रही है। और इसलिए हमें ह्यूमन सेंट्रिक एप्रोच के साथ अपने हर दायित्‍व को निभाते हुए ही आगे बढना है। कोविड 19 के बाद विश्‍व में एक बहुत बडा संकट विश्‍वास के अभाव का आया है। युद्ध ने इस ट्रस्‍ट डेफिसिट और गहरा किया है। जब हम कोविड हो हरा सकते हैं। तो हम आपसी विश्‍वास पर आये इस संकट पर भी विजय प्राप्‍त कर सकते हैं।

इस घोषणा में समावेशी वृद्धि, जलवायु परिवर्तन से निपटने की कार्रवाई तेज करने और स्‍वास्‍थ्‍य आपातकाल में भविष्‍य के लिए चिकित्‍सा आपूर्ति बढाने जैसे मुद्दे शामिल किए गए हैं। सदस्‍य देशों ने टिकाऊ, संतुलित और समावेशी वृद्धि के साथ सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडे को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कार्बन उत्‍सर्जन कम करने की प्रक्रिया को आगे बढाने, जलवायु अनुकूलन और पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास के जरिये जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने की कार्रवाई तेज करने की भी प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की।

घोषणा में यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप, सभी देशों को किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ क्षेत्रीय अधिग्रहण की धमकी या बल के उपयोग से बचना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया कि परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग की धमकी अस्वीकार्य है। जी20 सिद्धान्‍तों पर गौर करते हुए घोषणा में कहा गया कि यह मंच सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों को निपटारे का मंच नहीं है। इसमें यह कहा गया है कि सदस्य राष्ट्र वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर, बड़े और अधिक प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंकों के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सदस्य देशों ने डिजिटल सेवाओं और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच में सुधार के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई दिल्‍ली घोषणा की स्‍वीकृति से इतिहास रचा गया है। उन्‍होंने कहा कि इस सहमति और सच्‍ची भावना के साथ एकजुट होकर हम बेहतर, अधिक समृद्ध और सोहार्द्रपूर्ण भविष्‍य के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्‍होंने समर्थन और सहयोग के लिए जी-20 देशों के सभी नेताओं का आभार व्‍यक्‍त किया।

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